अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का कड़ा फैसला, इस्राइल के ई-वन सेटलमेंट प्लान और बस्तियों के विस्तार को किया खारिज.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्राइल की ओर से बस्तियों के विस्तार और नई योजनाओं को लेकर भारी विरोध देखने को मिल रहा है। 21 अगस्त 2026 को तुर्किए, मिस्र, इंडोनेशिया, जॉर्डन, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान में इस्राइल की अवैध बस्तियों की नीतियों की कड़ी निंदा की गई और पूर्वी यरुशलम के पूर्व में स्थित E1 settlement plan को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। इस संबंध में अधिक जानकारी UAE Ministry of Foreign Affairs के आधिकारिक पोर्टल पर साझा की गई है।
अवैध बस्तियों के खिलाफ बढ़ता वैश्विक विरोध
मंत्रियों ने फिलिस्तीनियों और उनकी संपत्ति पर इस्राइली बस्तियों के लोगों द्वारा किए जा रहे हिंसक कृत्यों की भी कड़ी आलोचना की। इन सभी गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2334 का खुला उल्लंघन बताया गया, जो वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रहा है। इस पूरी रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय निंदा के बारे में कतर की आधिकारिक एजेंसी QNA News पर विस्तार से बताया गया है।
आठ देशों के इस प्रमुख समूह के अलावा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे और कनाडा के नेताओं ने भी एक साझा बयान जारी किया। इसमें इस्राइल द्वारा निर्माण टेंडर जारी करने के फैसले को पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया गया। इसके अलावा स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और बेल्जियम ने भी इस विरोध का समर्थन किया। यह पूरा विवाद इस्राइल द्वारा लगभग 1,200 घरों के लिए टेंडर खोले जाने के बाद शुरू हुआ, जो कुल 3,400 यूनिट्स की एक बड़ी परियोजना का हिस्सा हैं। इन टेंडर्स के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 19 अक्टूबर तय की गई है।
ब्रिटेन और नीदरलैंड के कड़े कदम
बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटिश विदेश सचिव Ed Miliband ने इस्राइल के चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया और यह घोषणा की कि ब्रिटेन अवैध बस्तियों के विस्तार में शामिल लोगों के खिलाफ लक्षित प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति Mahmoud Abbas ने इस अंतरराष्ट्रीय समर्थन का स्वागत किया। उन्होंने चेतावनी दी कि ई-वन योजना फिलिस्तीनी राज्य के लिए आवश्यक क्षेत्रीय निरंतरता को कमजोर करती है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने भी इस योजना को दो-राष्ट्र समाधान के लिए एक बड़ा अस्तित्वगत खतरा बताया है। इस विषय पर विस्तृत जानकारी QNA Special News पर उपलब्ध है।
अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने कारोबारियों और कंपनियों से अपील की है कि वे कानूनी और साख से जुड़े जोखिमों से बचने के लिए इन टेंडर्स के लिए बोली लगाने से दूर रहें। वहीं दूसरी ओर, नीदरलैंड ने यह पुष्टि की है कि वह अवैध बस्तियों में उत्पादित होने वाले सामानों पर प्रतिबंध को पूरी सख्ती के साथ लागू करेगा, जो आगामी 22 सितंबर से प्रभावी होगा।