वेस्ट बैंक में इसराइल की नई बस्तियों के विस्तार योजना पर मलेशिया, कनाडा और यूरोपीय देशों ने जताई कड़ी आपत्ति।

Nura Basta21 August 20263 min read46 viewsWorld
वेस्ट बैंक में इसराइल की नई बस्तियों के विस्तार योजना पर मलेशिया, कनाडा और यूरोपीय देशों ने जताई कड़ी आपत्ति।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसराइल के वेस्ट बैंक में नई बस्तियों के निर्माण और विस्तार की योजनाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मलेशिया, कनाडा और छह प्रमुख यूरोपीय देशों ने मिलकर इसराइल के इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे शांति के रास्ते में बड़ी बाधा बताया है। इस ताजा विवाद की शुरुआत तब हुई जब इसराइल ने 18 अगस्त 2026 को कब्जाए गए वेस्ट बैंक में 1,234 नए आवास यूनिट्स के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए। यह फैसला मूल रूप से सिविल प्रशासन की उच्च योजना समिति द्वारा अगस्त 2025 में स्वीकृत 3,401 घरों की एक बड़ी योजना का हिस्सा है, जिस पर अब तेजी से काम शुरू हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय नेताओं और मानवाधिकार संगठनों की कड़ी प्रतिक्रिया

दुनिया भर के कई बड़े नेताओं ने चेतावनी दी है कि इस तरह की बस्तियों के निर्माण से फिलिस्तीनी जमीनों का आपसी जुड़ाव खत्म हो जाएगा, जिससे भविष्य में दो-राज्य समाधान की उम्मीदें पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी। 21 अगस्त 2026 को मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो Seri अनवर इब्राहिम ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उनका देश इन टेंडरों में हिस्सा लेने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं दूसरी ओर, फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के इस विरोध का स्वागत किया है और इस विवादित परियोजना को तुरंत रद्द करने की मांग उठाई है।

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कूटनीतिक स्तर पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबान्ड ने हाल ही में घोषणा की है कि ब्रिटेन बस्तियों के इस विस्तार में शामिल प्रमुख व्यक्तियों के खिलाफ लक्षित प्रतिबंध तैयार कर रहा है। इसके विपरीत, इसराइल के विदेश मंत्री गिदोएन् सा'अर ने ब्रिटेन के इस रुख को सिरे से खारिज करते हुए देश के विकास के अधिकार पर जोर दिया है। इससे पहले, इसराइल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मोत्रिच ने बयान दिया था कि यह परियोजना फिलिस्तीनी राज्य के गठन की संभावनाओं को पूरी तरह से समाप्त कर देती है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इस योजना को फिलिस्तीनी राष्ट्र के अस्तित्व के लिए एक बड़ा खतरा बताया है, जबकि ह्यूमन राइट्स वॉच की शोधकर्ता सारा सनबार ने इस पहल को फिलिस्तीनियों की पहचान मिटाने वाला कदम करार दिया है।

टेंडर की अंतिम तारीख और आगामी इसराइली चुनाव

इस निर्माण कार्य के लिए ठेके या बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 19 अक्टूबर 2026 तय की गई है। खास बात यह है कि यह तारीख इसराइल में होने वाले आम चुनाव से ठीक कुछ दिन पहले है, जो 27 अक्टूबर 2026 को निर्धारित हैं। इस पूरे मामले पर अधिक जानकारी और आधिकारिक बयानों के लिए आप ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री के मीडिया रिलीज पेज पर जा सकते हैं, जहां इस संयुक्त बयान से जुड़े सभी तथ्य साझा किए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व की राजनीतिक स्थिति को एक बार फिर से गर्मा दिया है और दुनिया भर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इस पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

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