Sambhal Violence: मास्टरमाइंड शारीक सट्टा के खिलाफ इंटरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस, फर्जी पासपोर्ट से भागा था दुबई.

उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मुख्य आरोपी Shariq Satta पर शिकंजा कसता जा रहा है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे पकड़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इंटरनेशनल पुलिस एजेंसी Interpol ने शारीक सट्टा के खिलाफ Red Corner Notice जारी कर दिया है ताकि उसे दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ कर वापस लाया जा सके। यह बड़ा कदम उत्तर प्रदेश पुलिस के औपचारिक अनुरोध और केंद्रीय जांच ब्यूरो Central Bureau of Investigation (CBI) की मदद से उठाया गया है, जिससे आरोपी की विदेश में मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।
फर्जी पासपोर्ट के जरिए देश छोड़कर भागा था आरोपी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी शारीक सट्टा को स्थानीय अदालत द्वारा पहले ही घोषित अपराधी यानी proclaimed offender करार दिया जा चुका है। वह अदालत की नजरों से बचकर और एक फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से फरार हो गया था और फिलहाल उसके Dubai में छिपे होने की खबर सामने आई है। जांच एजेंसियों को पूरी उम्मीद है कि इस रेड कॉर्नर नोटिस के आने के बाद उसे पकड़ने, हिरासत में लेने और भारत वापस लाने यानी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी आएगी ताकि वह देश की अदालत में अपने ऊपर लगे आरोपों का सामना कर सके।
पुलिस अधिकारियों ने की पुष्टि
संभल के पूर्व पुलिस अधीक्षक और वर्तमान में बिजनौर के एसपी Krishna Kumar Bishnoi ने इस पूरे मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय नोटिस के जरिए शारीक सट्टा को कानून के कटघरे में लाना अब काफी आसान हो जाएगा। संभल में शाही जामा मस्जिद के कोर्ट के आदेश पर हुए सर्वे के दौरान November 24, 2024 को हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी घटना के बाद से पुलिस इस मास्टरमाइंड की तलाश में लगातार जुटी हुई थी और इसके लिए पहले लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया जा चुका था।
उत्तर प्रदेश और एनसीआर में दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
जांच में यह बात भी सामने आई है कि शारीक सट्टा का आपराधिक इतिहास काफी बड़ा और खतरनाक रहा है। संभल हिंसा के अलावा वह उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR में लगभग 55 to 60 अन्य आपराधिक मामलों में भी संलिप्त बताया जा रहा है। इन मामलों में संगठित अपराध और वाहन चोरी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में देख सकते हैं, जहां पुलिस लगातार उसके नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास कर रही है।