Iran Army का बड़ा ऐलान, युद्ध के बीच बढ़ाई अपनी ताकत, कहा- हमले के लिए पूरी तरह तैयार

तेहरान की ओर से एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है, जहाँ ईरान की सेना ने अपनी पूरी सैन्य तैयारी और क्षमताओं को बढ़ाने की बात कही है। 6 अगस्त 2026 को ईरान की सेना के प्रवक्ता Brigadier General Mohammad Akrami-Nia ने यह स्पष्ट किया कि देश की सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। IRNA News Agency के माध्यम से दी गई जानकारी के अनुसार, हाल के क्षेत्रीय तनाव और संघर्षों के बावजूद सेना का रक्षा कवच और भी मजबूत हुआ है।
सेना का आधुनिकीकरण और नई तकनीक पर जोर
प्रवक्ता ने बताया कि सेना की युद्ध तत्परता को सुधारने के लिए उपकरणों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें पुराने और क्षतिग्रस्त सिस्टम की मरम्मत करना, उन्हें नए फीचर्स के साथ अपडेट करना और घरेलू रक्षा क्षमता को बढ़ाना शामिल है। सेना अपने स्वयं के इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से उपकरणों को दोबारा बनाने और उन्हें बेहतर बनाने का काम कर रही है।
ईरान के लिए Air Defense यानी हवाई सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जटिल क्षेत्रीय स्थितियों और विभिन्न खतरों को देखते हुए देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा करना सबसे जरूरी हो गया है। इस काम में स्थानीय रक्षा उद्योग और विशेष संस्थानों की भूमिका अहम है। सेना का कहना है कि वे अपने कर्मियों का मनोबल और मोटिवेशन बढ़ाने के लिए भी लगातार काम कर रहे हैं ताकि कोई भी चुनौती बड़ी न लगे।
सीजफायर के दौरान बढ़ाई गई ताकत
यह घोषणाएं 5 अगस्त 2026 की रिपोर्टों के बाद आई हैं, जिनमें संकेत दिया गया था कि अमेरिका के साथ युद्धविराम (सीजफायर) के दौरान ईरान ने अपनी सैन्य और रक्षा क्षमताओं को काफी हद तक मजबूत कर लिया है। यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं, तो ईरान की सेना पूरी तरह से मुकाबला करने के लिए तैयार है। एक कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने भी यह पुष्टि की है कि वरिष्ठ कमांडरों के हताहत होने के बावजूद सेना का कमांड स्ट्रक्चर पूरी तरह से व्यवस्थित और सक्रिय है।
इसके अलावा, IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि युद्धविराम की अवधि के दौरान मिसाइल कार्यक्रम की सटीकता और उत्पादन की गति में बड़ा सुधार किया गया है। सेना का साफ कहना है कि वे अपने पुराने अनुभवों से सीख लेकर भविष्य के खतरों का सामना करने की योजना बना रहे हैं। देश अपनी रक्षा तैयारियों को कम करने के बजाय उसे और अधिक उन्नत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हर तरह के क्षेत्रीय और बाहरी दबाव का जवाब दिया जा सके।