Iran News: ईरान का बड़ा दावा, अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद देश में बढ़ी राष्ट्रीय एकता और ताकत.

ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने हालिया संघर्ष के बाद देश में राष्ट्रीय एकता और भू-राजनीतिक जागरूकता मजबूत होने का दावा किया है। ईरान की आधिकारिक IRNA News Agency पर 23 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने यह बात कही। यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब संयुक्त राज्य अमेरिका और इसराइल ने तेहरान और अन्य शहरों पर संयुक्त हमले किए थे। इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी और जून 2026 में सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए हुआ समझौता ज्ञापन विफल हो गया था। इस पूरे घटनाक्रम ने देश की राजनीति और सुरक्षा पर गहरा असर डाला है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का बयान और क्षेत्रीय देशों को संदेश
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 23 अगस्त 2026 को एक बयान में बताया कि ईरान ने जनता के पूर्ण समर्थन के कारण ही गंभीर आर्थिक दबाव, प्रतिबंधों और पूर्ण युद्ध का सामना किया। उन्होंने उस कथित योजना को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसके तहत 48 घंटे के भीतर 'सत्ता परिवर्तन' का लक्ष्य रखा गया था। राष्ट्रपति ने पड़ोसी अरब देशों के खिलाफ आवश्यक सैन्य कार्रवाई पर खेद भी जताया। उन्होंने यह घोषणा की कि यदि इन देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए नहीं किया जाता है, तो ईरान इन राष्ट्रों के खिलाफ भविष्य में कोई सैन्य युद्धाभ्यास नहीं करेगा। इसके अलावा, 22 अगस्त को राष्ट्रपति ने कहा था कि इस संघर्ष का अंत ऐसी स्थिति में होना चाहिए जब ईरान के पास पूरी ताकत और सम्मान बचा हो, और उन्होंने दावा किया कि आज पूरी दुनिया देश की इस जीत को स्वीकार कर रही है।
मोहसेन रजाई की चेतावनी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर फैसला
सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने 23 अगस्त को क्षेत्रीय देशों को चेतावनी दी कि वे अमेरिका के 'आर्थिक युद्ध' का साथ देने से बचें। उन्होंने धमकी दी कि यदि इन देशों ने इसमें हिस्सा लिया, तो उनके हितों को निशाना बनाया जाएगा। रजाई ने अमेरिका पर वित्तीय दबाव के जरिए ईरान की एकता को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने यह भी पक्का किया कि जब तक अमेरिका अपनी नीति में बदलाव नहीं करता और अपने वादों का सम्मान नहीं करता, तब तक Strait of Hormuz पूरी तरह से बंद रहेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस्लामिक गणराज्य वैश्विक युद्ध के चाहने वालों के हमेशा खिलाफ खड़ा रहेगा।
संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबफ के विचार
संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ ने 22 अगस्त को कहा कि देश के भीतरूनी हालात का स्थिर रहना बहुत जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल सैन्य ताकत होना काफी नहीं है, यदि घरेलू अर्थव्यवस्था, पैसों का लेन-देन और राष्ट्रीय उत्पादन कमजोर हो जाए तो दिक्कत बढ़ जाती है। वर्तमान समय का माहौल अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'इकोनॉमिक डी-डे' प्रतिबंध अभियान से काफी प्रभावित चल रहा है। देश की अर्थव्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सरकार लगातार जरूरी कदम उठा रही है ताकि आम जनता को किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।