Iran Missile Threat: ईरान के वरिष्ठ धर्मगुरु ने दी अमेरिका और इसराइल को धमकी, 15000 किलोमीटर रेंज वाली मिसाइल बनाने का किया दावा.

ईरान के अहvaz शहर से एक बड़ी खबर सामने आई है जहाँ वरिष्ठ ईरानी धर्मगुरु और सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि Abdolnabi Mousavifard ने 7 अगस्त 2026 को जुमे की नमाज़ के दौरान एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी मिसाइल की रेंज को बढ़ाकर 15000 किलोमीटर (लगभग 9300 मील) करने की तैयारी कर रहा है ताकि अमेरिकी लोगों को भी यह समझ आ सके कि मिसाइल हमले से होने वाली तबाही और खून-खराबा क्या होता है। इस बयान के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव काफी बढ़ गया है और इस बात की चर्चा आम हो चुकी है कि यह कदम दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।
मिसाइल की तकनीक और नए खुलासे
इस मामले से जुड़े घटनाक्रम में 10 और 11 अगस्त 2026 को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अधिकारियों ने एक बड़ी तकनीकी सफलता की घोषणा की। IRGC के प्रवक्ता Hossein Mohbi ने बताया कि ईरान की कुछ आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलें अब उड़ान के दौरान ही अपना रास्ता बदलने और हवा में ही नए लक्ष्यों की तरफ मुड़ने की ताकत रखती हैं। इस नई तकनीक को पश्चिमी देशों की आधुनिक एयर डिफेंस प्रणालियों को चकमा देने और उन्हें नाकाम करने के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा 11 अगस्त को ईरानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने यह भी साफ कर दिया कि जब तक अमेरिका अपनी पाबंदियां नहीं हटाता, ब्लॉक खत्म नहीं करता, मुआवजा नहीं देता और फ्रीज किए गए पैसों को वापस नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
विशेषज्ञों की राय और रक्षा विश्लेषकों का मानना
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि 15000 किलोमीटर की रेंज वाली मिसाइल का विकास करना उसे अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) की श्रेणी में ला खड़ा करेगा। यह ईरान की उन क्षमताओं से बहुत आगे की बात है जिसे वह अभी तक दुनिया के सामने स्वीकार करता रहा है। हालांकि ईरान के पास मध्य पूर्व में सबसे बड़े मिसाइल जखीरों में से एक है जिसकी रेंज 2000 किलोमीटर या उससे अधिक है, लेकिन ईरान की ज़मीन से अमेरिका तक सीधा हमला करने वाली किसी ऑपरेशनल ICBM का कोई पक्का सबूत सार्वजनिक तौर पर मौजूद नहीं है। रक्षा विश्लेषकों का यह भी सुझाव है कि अमेरिका तक पहुँचने के लिए 12000 से 13000 किलोमीटर की रेंज काफी होती है, जिसका मतलब यह है कि 15000 किलोमीटर का दावा शायद उत्तर कोरिया जैसे देशों की मदद से अपनी क्षमता से ज्यादा दिखाने की कोशिश हो सकती है। ईरान ने इसके अलावा जमीन के नीचे 'मिसाइल शहरों', ड्रोनों और 14000 किलोमीटर की रेंज वाले फतह जैसे हाइपरसोनिक सिस्टम में भी भारी निवेश किया है।