Lebanon पर इसराइल के हवाई हमले से ईरान हुआ नाराज़, कहा यह अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है

लेबनान में इसराइल के लगातार बढ़ते हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है और इस बीच ईरान ने इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। ईरान की तरफ से साफ कहा गया है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का साफ तौर पर उल्लंघन है और इससे आम लोगों की जान को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इस ताजा टकराव में बच्चों समेत कम से कम 11 नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे इलाके में मातम और डर का माहौल बना हुआ है।
ईरान ने अमेरिका और यूएन सुरक्षा परिषद पर उठाए सवाल
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की चुप्पी पर बड़ा सवाल उठाया है और सीधा आरोप लगाया है कि अमेरिका इस आक्रामकता में इसराइल का पूरा साथ दे रहा है। तेहरान ने लेबनान की संप्रभुता के प्रति अपना पूरा समर्थन दोहराया है और साफ कर दिया है कि वह इस मुश्किल समय में लेबनान के साथ खड़ा है। दूसरी तरफ लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए इसे पिछले जून 2026 के फ्रेमवर्क समझौते का सीधा उल्लंघन बताया है।
इसराइल ने हमलों को बताया जरूरी बचाव
सीमा के पास हिजबुल्लाह के एक हमले में इसराइल के तीन सैनिकों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इन हवाई हमलों को पूरी तरह से एक रक्षात्मक कदम बताया है। इसराइल रक्षा बलों की तरफ से यह भी दावा किया गया कि उन्होंने अपने सैन्य अभियानों के दौरान हिजबुल्लाह के एक बटालियन कमांडर अली समीर अल-हज हसन को ढेर कर दिया है। इस पूरी घटना के बाद से दोनों तरफ से हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं और आम जनता डरी हुई है।
हिजबुल्लाह की चेतावनी और आगे का खतरा
इसराइल की तरफ से की गई कार्रवाई के जवाब में हिजबुल्लाह ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए उचित तरीके से बदला लेने की धमकी दी है। इसके अलावा हिजबुल्लाह ने लेबनान की सरकार से अपील की है कि वह अमेरिका के जरिए होने वाली बातचीत पर से अपना भरोसा हटा ले क्योंकि इससे कोई ठोस समाधान नहीं निकल रहा है। जून महीने में हुए संघर्षविराम के बाद से यह हिंसा का सबसे खतरनाक दौर माना जा रहा है जिसमें लगातार आम लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।