Qatar में ईरान ने की पुष्टि, क्रैश हुए फाइटर जेट के तीन पायलट कतरी सेना के पास हैं कैद.

ईरान ने आधिकारिक तौर पर यह बात मान ली है कि उसके तीन सैन्य पायलट कतरी सेना की गिरफ्त में हैं और उन्हें बंदी बनाकर रखा गया है। 15 अगस्त 2026 को सामने आए इस आधिकारिक बयान के बाद से इलाके में राजनीतिक हलचल काफी ज्यादा बढ़ गई है। पकड़े गए पायलटों के नाम जावेद सालेही, अब्दोलमजीद दश्तियान और इमरान बेहरावेशियान बताए गए हैं। इन सभी को उस समय पकड़ा गया जब उनका सु-24 फाइटर जेट कतरी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह घटना पिछले साल 2 मार्च 2026 को हुई थी और तब से लेकर अब तक इन एयरमेन की सही सलामती या स्थिति को लेकर कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ रही थी।
ऑपरेशन और हमलों की पृष्ठभूमि
ईरान की तरफ से यह सैन्य मिशन कथित तौर पर उन हमलों के जवाब में शुरू किया गया था जो 28 फरवरी 2026 को गल्फ क्षेत्रों से ईरान के खिलाफ किए गए थे। ईरान के सशस्त्र बलों की लापता व्यक्तियों की खोज समिति के प्रमुख जनरल मोहम्मद बघेरजादेह ने मीडिया को बताया कि इन पायलटों को पिछले छह महीनों से पूरी तरह से नजरबंद रखा गया है। इन छह महीनों के दौरान उन्हें अपने परिवार के किसी भी सदस्य से मिलने की अनुमति नहीं दी गई और न ही किसी ईरानी अधिकारी को उनसे संपर्क करने दिया गया। इस स्थिति ने ईरान के प्रशासनिक हलकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद की गुहार लगाई गई है।
जिनेवा कन्वेंशन के उल्लंघन का गंभीर आरोप
ईरान ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते ہوئے इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस से आधिकारिक तौर पर हस्तक्षेप करने की अपील की है। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि कतर ने जिनेवा सम्मेलनों का खुला उल्लंघन किया है क्योंकि वे बंदी बनाए गए सैनिकों को किसी भी तरह का विज़िटेशन अधिकार देने से साफ इनकार कर रहे हैं। जनरल बघेरजादेह ने कतरी प्रशासन के इन कदमों को संभावित युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा है। गौरतलब है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले चौथे पायलट मजद काजेमी का शव पहले ही बरामद कर लिया गया था और उसे 30 जुलाई को वापस ईरान भेज दिया गया था। हालांकि, अभी तक कतरी अधिकारियों की तरफ से इन तीनों जीवित पायलटों की कैद या उनकी स्थिति को लेकर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।