Canada New Sanctions: ईरान ने कनाडा को बताया अमेरिका की रिजर्व टीम, नए प्रतिबंधों के बाद भड़का तेहरान.

Praggya Singh sabal17 August 20262 min read64 viewsWorld
Canada New Sanctions: ईरान ने कनाडा को बताया अमेरिका की रिजर्व टीम, नए प्रतिबंधों के बाद भड़का तेहरान.

ईरान ने एक बार फिर पश्चिमी देशों पर तीखा हमला बोला है और इस बार निशाना कनाडा बना है। 17 अगस्त 2026 को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तीखा पोस्ट शेयर किया। उन्होंने कनाडा की नीतियों को सीधे तौर पर अमेरिका के इशारे पर चलने वाला बताया और तंज कसते हुए कहा कि यह देश वाशिंगटन की फार्म टीम या रिजर्व टीम की तरह काम कर रहा है। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह कोई कनाडा का हॉकी का खेल नहीं चल रहा है, बल्कि ओटावा सरकार सीधे तौर पर तेहरान के खिलाफ अमेरिका के गैरकानूनी युद्ध का समर्थन कर रही है।

कनाडा द्वारा नए प्रतिबंधों का ऐलान

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कनाडा की विदेश मामलों की मंत्री Anita Anand ने 14 अगस्त 2026 को ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की घोषणा की। कनाडाई सरकार ने ईरान के 5 वरिष्ठ अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन अधिकारियों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के सदस्य भी शामिल हैं। कनाडा का कहना है कि यह कदम हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है। कनाडाई अधिकारियों का यह भी कहना रहा है कि वे सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य हमले में शामिल नहीं हैं, लेकिन कूटनीतिक और रणनीतिक मामलों में उनका रुख अमेरिकी हितों के साथ ही चलता रहा है।

समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा व्यापार का मुद्दा

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया भर में ऊर्जा और तेल व्यापार के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण रास्ता है। इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी साल यानी मार्च 2026 में कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने इस क्षेत्र में नौवहन और सुरक्षा को सुरक्षित रखने के लिए अपने सहयोग का संकेत दिया था। कनाडा पहले ही IRGC को एक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित कर चुका है, जिससे दोनों देशों के बीच दूरियां और ज्यादा बढ़ गई हैं। दूसरी ओर ईरान का साफ कहना है कि जब तक क्षेत्र से अमेरिकी प्रतिबंधों और सैन्य मौजूदगी को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जाता, तब तक समुद्री रास्तों और शिपिंग रूट्स से जुड़ा कोई भी विवाद हल नहीं हो सकता है।

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