फ्रांस और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, ईरान ने दो फ्रांसीसी राजनयिकों को देश से निकाला.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस समय फ्रांस और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। ताजा घटनाक्रम के तहत 18 अगस्त 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय ने तेहरान स्थित फ्रांसीसी दूतावास के दो राजनयिकों को अवांछित यानी पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर दिया है। आईआरएनए न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार यह कड़ा कदम अवैध गतिविधियों और आचरण के आरोपों के बाद उठाया गया है, जिसके बारे में मंत्रालय का दावा है कि यह 1961 वियना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशंस का उल्लंघन है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इन हरकतों के सामने आने के बाद फ्रांसीसी सरकार भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए कोई जरूरी गारंटी देने में विफल रही, जिसके बाद इन दोनों अधिकारियों के ईरान में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
घटना की शुरुआत और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
दोनों देशों के बीच यह कड़वाहट 19 जुलाई 2026 को हुई एक घटना के बाद तेजी से बढ़ी, जब फ्रांसीसी दूतावास के दो कर्मचारियों को ईरानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर हिरासत में लिया और उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। इसके बाद 15 अगस्त 2026 को ईरान के खुफिया मंत्रालय ने दावा किया कि ये राजनयिक विदेशी घुसपैठ और दखलंदाजी के एक बड़े मामले में शामिल थे। मंत्रालय का आरोप है कि जब्त किए गए दस्तावेजों से प्रभाव बढ़ाने के प्रयासों का पता चलता है और कुछ कागजों पर एक पूर्व फ्रांसीसी राजदूत के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। फ्रांस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पास्कल कॉन्फाव्रू ने इन सभी दावों को पूरी तरह से झूठा करार दिया और दूतावास के कर्मचारियों की हिरासत को राजनयिक गरिमा पर एक निंदनीय और जानबूझकर किया गया हमला बताया।
फ्रांस की तरफ से जवाबी कार्रवाई का ऐलान
ईरान के इस कदम के जवाब में फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घोषणा की कि फ्रांस आने वाले दिनों में दो ईरानी राजनयिकों को देश से बाहर का रास्ता दिखाएगा। मंत्री बैरोट ने शुरुआती घटना को ईरान के शोधकर्ताओं, कलाकारों और वैज्ञानिकों के लिए फ्रांस के समर्थन से जोड़ा और ईरान के इस रुख को एक असहनीय कृत्य बताया। इस पूरे घटनाक्रम के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं। कूटनीतिक स्तर पर इन फैसलों से दोनों देशों के बीच आने वाले दिनों में संबंध और अधिक प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।