Iran Defense Restructuring: अमेरिका और इसराइल के संघर्ष के बाद ईरान ने अपनी रक्षा प्रणाली में किया बड़ा बदलाव.

हाल ही में अमेरिका और इसराइल के साथ हुए तनावपूर्ण हालातों के बाद, ईरान के रक्षा मंत्रालय ने अपनी पूरी रक्षा इंडस्ट्री को फिर से नया रूप देने का बड़ा ऐलान किया है। 20 अगस्त 2026 को दी गई इस जानकारी के मुताबिक, देश की सेना ने पिछले संघर्षों से कई जरूरी सबक सीखे हैं और अब वे अपनी सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने में जुट गए हैं। इस बदलाव को देश के रक्षा क्षेत्र में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में उनकी युद्धक क्षमताओं में काफी बदलाव आएगा।
रक्षा क्षेत्र में नई तकनीक और कंपनियों का होगा इस्तेमाल
ईरान के अधिकारियों का कहना है कि इस नई योजना के तहत देश के रक्षा तंत्र में आधुनिक और स्मार्ट तकनीकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय ज्ञान आधारित कंपनियों को भी इस रक्षा योजना में जोड़ा जाएगा ताकिताकि थ्योरी की बातों को जल्द से जल्द प्रैक्टिकल रूप में बदला जा सके। यह पूरा कदम ऐसे समय उठाया गया है जब देश के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को काफी नुकसान उठाना पड़ा है और उनके सहयोगी संगठन भी पहले से कुछ कमजोर हुए हैं.
खाड़ी देशों को ईरान की तरफ से कड़ी चेतावनी
इस बीच क्षेत्रीय तनाव अभी भी पूरी तरह से कम नहीं हुआ है। ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने बुधवार को खाड़ी देशों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी देश ने अमेरिकी सैन्य अभियानों में मदद की, तो उसे सीधे तौर पर इस युद्ध में शामिल माना जाएगा। यह चेतावनी ऐसे वक्त पर आई है जब यूएई (UAE) की तरफ से ईरान पर कुल व्यापारिक और वित्तीय प्रतिबंध लगाने की घोषणा की जा चुकी है, क्योंकि वहां मिसाइल हमलों का खतरा जताया गया था।
आर्थिक प्रतिबंधों को बताया बेअसर और होर्मुज जलडमरूमध्य में सख्ती
ईरान के विदेश मंत्री عباس عراقچی (Abbas Araghchi) और उप विदेश मंत्री काजिम गरीबबादी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा दी जा रही आर्थिक पाबंदियों की धमकियों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इन नए अमेरिकी प्रतिबंधों को आर्थिक आतंकवाद करार दिया है। दूसरी तरफ, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी के कारण 14 जुलाई से लेकर अब तक ईरान के बंदरगाहों पर आने वाले 60 जहाजों को रोका जा चुका है, जिसमें 19 अगस्त को भी एक जहाज का रास्ता बदला गया। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 750 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, जबकि अमेरिका और इसराइल की खुफिया एजेंसियों ने साइप्रस और बुल्गारिया में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की ईरानी योजनाओं का दावा किया है।