Strait of Hormuz: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में मांगे passage fees, ओमान के साथ बातचीत जारी.

हार्मूज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान ने एक बहुत बड़ा बयान दिया है और वहां से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलने की मांग की है। 10 अगस्त 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ कहा कि जब वहां समुद्री सेवाएं दी जाती हैं तो उसके बदले में पैसे मिलने ही चाहिए। इस बात पर अभी ओमान के साथ बातचीत चल रही है ताकि इस पानी वाले रास्ते पर एक नया और अस्थायी रूट बनाया जा सके। ईरान का कहना है कि इस रास्ते के बंद होने के पीछे अमेरिका और इसराइल की फौज की हरकतें हैं।
ओमान के साथ बातचीत और ईरान की शर्तें
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Aragchi ने 9 अगस्त 2026 को बताया था कि ओमान के साथ समझौता लगभग पूरा होने वाला है। लेकिन ईरान ने यह भी साफ कर दिया कि जब तक अमेरिका उनकी शर्तें नहीं मानता तब तक इस रास्ते को पूरी तरह नहीं खोला जाएगा। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कुछ मांगें रखी हैं जिनमें ईरानी बंदरगाहों से नाकाबंदी हटाना, इलाके से अमेरिकी सेना का बाहर जाना, युद्ध के हर नुकसान की भरपाई करना, प्रतिबंध हटाना और रोके गए पैसे को वापस देना शामिल है। ईरान की संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने भी एक प्लान पास किया है जिसके तहत दुश्मन देशों के जहाजों को तब तक रोकने की बात कही गई है जब तक वे नुकसान के पैसे नहीं दे देते।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और अमेरिकी प्रतिक्रिया
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 10 अगस्त 2026 को कहा कि अमेरिका आर्थिक दबाव के जरिए ईरान से बात करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि ईरान का यह कहना है कि वे सीधे तौर पर कोई बात नहीं कर रहे हैं बल्कि बीच के लोगों के जरिए संदेश भेजे जा रहे हैं। दुनिया भर की समुद्री संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि इस रास्ते पर किसी भी तरह का जबरन टोल या फीस लगाने से अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन होगा और पूरी दुनिया का व्यापार खतरे में पड़ सकता है। इस स्थिति पर गल्फ देशों में रहने वाले लोगों और भारत आने-जाने वाले यात्रियों की भी नजर है क्योंकि इससे ग्लोबल ट्रेड पर असर पड़ता है।