ईरान ने अमेरिका पर जताया अविश्वास, नए प्रतिबंधों और करंसी में गिरावट के बाद दी चेतावनी

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Major General Mohsen Rezaei ने 24 अगस्त 2026 को यह ऐलान किया कि उनका देश अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करता है। उन्होंने IRNA News Agency के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि वाशिंगटन को अपने मौजूदा रवैये में बदलाव लाना होगा और समझौते की शर्तों को व्यावहारिक रूप से पूरा करना होगा। यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब जून के महीने में शुरू हुई 60 दिन की बातचीत की समय सीमा पिछले हफ्ते ही बिना किसी परमाणु समझौते या दुश्मनी को खत्म किए समाप्त हो गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
इस विवाद में तनाव तब और ज्यादा बढ़ गया जब अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 24 अगस्त 2026 को आर्थिक प्रतिबंधों के एक नए दौर का ऐलान किया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे एक आर्थिक डी-डे करार दिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के आर्थिक रास्तों को पूरी तरह से बंद करना है। इन नए प्रतिबंधों के जवाब में ईरान की करेंसी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
मेजर जनरल मोहसेन रेजाई ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान अमेरिका के इन नए आर्थिक कदमों का समर्थन करने वाले किसी भी देश के कदम को युद्ध की कार्रवाई मानेगा। उन्होंने यह भी धमकी दी कि यदि आर्थिक दबाव इसी तरह जारी रहा, तो ईरान अपने सभी तेल निर्यात को पूरी तरह से रोक देगा। उन्होंने इस दौरान विशेष रूप से Strait of Hormuz और पूरे फारस की खाड़ी इलाके का जिक्र किया।
क्षेत्रीय कूटनीति और परमाणु नीति पर असर
सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के सैन्य सलाहकार के रूप में काम करने वाले रेजाई ने ईरान की परमाणु नीति में बदलाव करने का भी संकेत दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु नियमों का पालन करने की जरूरत पर सवाल खड़े किए हैं। इसके उलट, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian जून के मध्य वाले समझौते को न तो युद्ध और न ही शांति जैसी स्थिति से बचने और देश में विदेशी निवेश लाने का सबसे सही रास्ता मानते हैं।
इस बीच क्षेत्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां काफी तेज चल रही हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख General Asim Munir क्षेत्रीय शांति और इस्लामाबाद समझौते पर चर्चा करने के लिए 24 अगस्त 2026 को तेहरान पहुंच चुके हैं। इसके अलावा ओमान के विदेश मंत्री भी मंगलवार को तेहरान का दौरा करने वाले हैं, जहां वे होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े आने-जाने के नियमों पर बातचीत करेंगे। ईरान ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों पर जुर्माना लगाया जा सकता है, उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है या फिर जब्त किया जा सकता है।