सऊदी अरब के मक्का समझौते पर ईरान का बड़ा बयान, कहा अभी तक नहीं मिला कोई न्योता.

Sushma Kumari24 August 20262 min read59 viewsSaudi
सऊदी अरब के मक्का समझौते पर ईरान का बड़ा बयान, कहा अभी तक नहीं मिला कोई न्योता.

सोमवार, 24 अगस्त 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि देश को मक्का समझौते में शामिल होने के लिए अभी तक कोई आधिकारिक निमंत्रण नहीं मिला है। यह समझौता सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के नेतृत्व वाला एक बड़ा रक्षा समझौता है। इस बीच, क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों को लेकर संबंधित देशों के साथ बातचीत शुरू करने के लिए कुछ प्रस्ताव जरूर सामने आए हैं, जिन पर ईरान विचार कर रहा है।

मक्का रक्षा समझौते पर असमंजस और रिपोर्ट

विदेश मंत्रालय के इस स्पष्टीकरण से ठीक पहले, 23 अगस्त 2026 को ईरान की संसद की समाचार एजेंसी 'खाना-ए-मल्लात' के प्रमुख Mehdi Rahimi ने दावा किया था कि तेहरान को इस समझौते का आमंत्रण मिल चुका है और अधिकारी इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। इस विरोधाभास के बाद ईरानी प्रशासन ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि फिलहाल कोई सीधा निमंत्रण प्राप्त नहीं हुआ है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौता (Mecca Joint Defence Agreement) पर 7 अगस्त 2026 को सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman, तुर्किए के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने हस्ताक्षर किए थे। इस रक्षा समझौते में नाटो के अनुच्छेद 5 की तर्ज पर एक पारस्परिक रक्षा खंड शामिल किया गया है। इसके तहत यदि तीनों सदस्य देशों में से किसी एक पर भी कोई सशस्त्र हमला होता है, तो उसे पूरे गठबंधन पर हमला माना जाएगा। तुर्किए के विदेश मंत्री Hakan Fidan पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि यह समझौता ईरान या किसी अन्य देश के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसके बावजूद कुछ ईरानी सांसदों, जैसे Ebrahim Rezaei ने इसे सऊदी सुरक्षा की गारंटी देने में असमर्थ एक 'कागजी समझौता' करार दिया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय बातचीत

इन तमाम क्षेत्रीय घटनाक्रमों के बीच, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल Asim Munir सोमवार को तेहरान पहुंचने वाले हैं। वह यहां द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय शांति को लेकर उच्च स्तर की चर्चा करेंगे। अगस्त की शुरुआत में ईरानी प्रवक्ता Esmail Baghaei ने यह भी कहा था कि ईरान को इस गठबंधन से कोई चिंता नहीं है, क्योंकि यह क्षेत्रीय स्तर पर स्वतंत्र सुरक्षा व्यवस्थाओं की जरूरत को दर्शाता है। इसके अलावा, इराक ने वर्तमान विश्वास के संकट को हल करने के लिए ईरान और सऊदी अरब दोनों को शामिल करते हुए एक एकीकृत सुरक्षा समन्वय परिषद बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment