Iran ने इसराइल के परमाणु दावों को बताया पूरी तरह फर्जी, तेहरान ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयानों को नकारा.

तेहरान में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baqaei ने 10 अगस्त 2026 को इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बयानों को खारिज कर दिया है। ईरानी प्रवक्ता ने इन सभी दावों को कोरी अफवाह और मनगढ़ंत बताया है। यह पूरा मामला उस समय गरमाया जब इसराइली प्रधानमंत्री ने 9 अगस्त को एक बयान जारी किया था। उस बयान में इसराइली नेता ने दावा किया था कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे और संयुक्त अमेरिका-इसराइल सैन्य अभियान ने उनके देश को परमाणु बर्बादी से बचाया है।
ईरान ने बयानों को बताया बेबुनियाद
इसराइली प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्क्स (IRGC) के कमांडर Ahmad Vahidi के एक कथित बयान का हवाला दिया था। इस दावे में कहा गया था कि ईरान अभी भी परमाणु हथियारों को विकसित करने की योजना बना रहा है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स और की गई व्यापक खोजबीन में इस तरह के किसी भी आधिकारिक ईरानी बयान का कोई सबूत नहीं मिला है। इसके बाद तेहरान की तरफ से आधिकारिक तौर पर इस बात का खंडन किया गया और इसे एक सोची-समझी साजिश बताया गया। प्रवक्ता Esmail Baqaei पहले भी इस तरह के बयानों को गलत बता चुके हैं। उन्होंने मई 2025 में ऑस्ट्रियाई खुफिया रिपोर्ट को भी झूठा करार दिया था, जिसमें ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम पर सवाल उठाए गए थे।
अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही कई बैठकों और वार्ताओं में हिस्सा ले रहा है। ईरान के विदेश मंत्री ने 9 अगस्त को पुष्टि की कि उन्हें अमेरिका की तरफ से परमाणु वार्ताओं से जुड़े प्रस्ताव के कुछ हिस्से मिले हैं। उन्होंने साफ किया कि उनका देश अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए ही इस पर कोई जवाब देगा। दूसरी तरफ, ईरानी संसद के उप-स्पीकर Hamid Babai ने चेतावनी दी है कि जो भी देश होरमुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के अमेरिकी प्रयासों में मदद करेगा, ईरान उस पर हमला कर सकता है।
इस बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने 8 अगस्त को दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट कर दिया है और उसकी सैन्य ताकत को कमजोर कर दिया है। अमेरिकी रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति Donald Trump अपनी जीत की घोषणा कर सकते हैं और अगर ईरान होरमुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोल देता है, तो वे औपचारिक परमाणु समझौते को छोड़ भी सकते हैं। इस क्षेत्रीय तनाव के कारण खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में लगातार चिंता का माहौल बना हुआ है, जिससे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।