Iran Defense Production: ईरान ने डिफेंस हथियारों का उत्पादन दोगुना किया, तीन गुना बढ़ाने का बनाया नया प्लान.

ईरान के रक्षा मंत्रालय ने रक्षा उपकरणों और हथियारों के उत्पादन को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। 22 अगस्त 2026 को रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल रजा तालाए-निक ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि देश ने पिछले एक साल के दौरान अपने रक्षा हथियारों के उत्पादन को दोगुना कर लिया है। सरकार ने आने वाले समय में कुल उत्पादन को तीन गुना तक बढ़ाने की पूरी योजना तैयार कर ली है। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि युद्ध के हालातों और हालिया संघर्ष के दौरान कुछ खास रणनीतिक उत्पादों का उत्पादन तीन गुना से भी ज्यादा तेजी से बढ़ाया गया था।
प्राइवेट कंपनियों और रिसर्च प्रोजेक्ट्स की बड़ी हिस्सेदारी
इस औद्योगिक विस्तार के बारे में विस्तार से बताते हुए प्रवक्ता ने कहा कि इस समय देश भर की 9,000 से अधिक प्राइवेट और नॉलेज-बेस्ड कंपनियां रक्षा आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ एक साल के भीतर इस क्षेत्र में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा 76 प्रतिशत रिसर्च प्रोजेक्ट्स अपने उत्पाद निर्माण के चरण को पूरा कर चुके हैं। ईरान अब कुल 1,000 से अधिक प्रकार की आधुनिक प्रणालियों और हथियारों का निर्माण कर रहा है। इस्लामिक क्रांति से पहले देश में केवल 31 प्रकार के हथियार बनते थे, जिसके मुकाबले यह बहुत बड़ी वृद्धि है। आज के समय में ईरान मिसाइल ताकत के मामले में दुनिया के टॉप दस देशों में शामिल है और ड्रोन तकनीक में भी एक अग्रणी देश बन चुका है।
अधिकारियों के बयान और अमेरिकी कार्रवाई पर रुख
ईरान के कार्यवाहक उप रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर-शाहरोख शाहराम ने 21 अगस्त 2026 को यह दावा किया था कि युद्ध की शुरुआत के बाद से ही हथियारों के उत्पादन में बहुत तेज गति आई है। उनका यह भी कहना था कि अमेरिका की तरफ से की गई कार्रवाइयां सैन्य सप्लाई चेन को रोकने में पूरी तरह विफल रही हैं। ईरान ने अपनी मुख्य सुविधाओं को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर लिया था और घरेलू उद्योगों के एक बड़े नेटवर्क का इस्तेमाल करके उत्पादन को लगातार जारी रखा। इसके अलावा नवनियुक्त IRGC चीफ अहमद वाहिदी ने प्रतिबंधों के बावजूद देश के रक्षा उद्योग की मजबूती की सराहना की और 'डिफेंसिव एंड ऑफेंसिव एम्पॉवरमेंट' की रणनीति पर जोर दिया। सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने भी दुश्मनों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह की सैन्य गलती का बहुत कड़ा और विनाशकारी जवाब दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स और पश्चिमी देशों का दावा
एक तरफ जहां ईरानी अधिकारी देश की आत्मनिर्भरता और उत्पादन में बढ़ोतरी की बात कर रहे हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स की तस्वीर थोड़ी अलग है। पश्चिमी देशों के कुछ आकलन के अनुसार 19 अगस्त 2026 की घटनाओं का हवाला देते हुए यह कहा गया कि अमेरिका और इजराइल के हमलों से ईरान के सैन्य औद्योगिक बेस को भारी नुकसान पहुंचा है। इन रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि रूस ईरान को खत्म हो रहे हथियारों के स्टॉक को फिर से भरने के लिए ड्रोन कंपोनेंट्स, गोला-बारूद और टीएनटी विस्फोटक जैसी सैन्य सहायता मुहैया करा रहा है, जो कि ईरान सरकार के आधिकारिक दावों के बिल्कुल उलट है।