Iran News: ईरान के दूत और विदेश मंत्री ने की अहम बैठक, IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स और कूटनीतिक हालात पर हुई चर्चा.

तेहरान में 11 अगस्त 2026 को ईरान के राजदूत और वियना में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के स्थायी प्रतिनिधि रज़ा नजाफ़ी ने विदेश मंत्री सय्यद अब्बास अरागची से मुलाकात की। इस अहम बैठक के दौरान दोनों अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के साथ चल रहे मामलों और अन्य कूटनीतिक गतिविधियों पर विस्तार से बातचीत की। वियना स्थित अंतरराष्ट्रीय संगठनों में चल रही प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए परमाणु सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग के मामलों में ईरान के राष्ट्रीय हितों और अधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए रणनीति पर चर्चा की गई।
ओमान और जर्मनी के साथ कूटनीतिक बातचीत
इस मुलाकात से ठीक एक दिन पहले यानी 10 अगस्त 2026 को विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने जर्मनी के अपने समकक्ष जहाँन वाडेफुल के साथ फोन पर बात की थी। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की थी। इसके अलावा विदेश मंत्री अरागची ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात के लिए सुरक्षित मार्ग को लेकर ओमान के साथ चल रहे विचार-विमर्श का भी जिक्र किया। उन्होंने इस रणनीतिक जलमार्ग में अशांति और असुरक्षा के लिए पूरी तरह से अमेरिका और इस्राइल की सैन्य आक्रामकता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अमेरिका की आक्रामक नीतियों और दखलअंदाजी को तुरंत रोकने की मांग की और खुद को एक मजबूत शक्ति बताया।
परमाणु एजेंसी के साथ तनावपूर्ण संबंध
यह तमाम कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में सामने आए हैं जब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ ईरान के संबंध काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इससे पहले जून 2026 में वियना स्थित ईरान के मिशन ने IAEA के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को चेतावनी दी थी कि वे टकराव और दबाव की नीति से दूर रहें क्योंकि इस तरह के रवैये से कूटनीतिक समाधान तलाशने के रास्ते में रुकावट आती है। ईरान लगातार इस बात की आलोचना करता रहा है कि परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों के मामलों में एजेंसी ने जरूरी कदम नहीं उठाए। इसके अलावा नवंबर 2025 में भी ईरान ने IAEA के महानिदेशक को काहिरा समझौते को समाप्त करने की जानकारी दी थी। वहीं दूसरी ओर सीरिया ने भी 11 अगस्त 2026 को यह ऐलान किया कि वह आने वाले दिनों में परमाणु सामग्री से जुड़े मामलों पर बड़ी प्रगति की घोषणा करने के लिए एक IAEA प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करेगा।