अमेरिका की नई आर्थिक डी-डे नीति पर ईरान का कड़ा पलटवार, इसे बताया घरेलू संकट से ध्यान भटकाने की चाल.

Aanya20 August 20262 min read74 viewsWorld
अमेरिका की नई आर्थिक डी-डे नीति पर ईरान का कड़ा पलटवार, इसे बताया घरेलू संकट से ध्यान भटकाने की चाल.

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने हाल ही में अमेरिका की नई 'Economic D-Day' नीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए साफ कहा कि अमेरिका का यह नया कदम उसके अपने देश के अंदर चल रहे गंभीर संकटों से लोगों का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी रणनीति है। अमेरिका इस नीति के जरिए अपनी भारी-भरकम उधारी और बढ़ते ब्याज खर्चों को छुपाने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को अपनी सरकार की इस नई योजना का ऐलान किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस योजना को किसी भी देश के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त आर्थिक अभियान बताया था। अमेरिकी प्रशासन ने तेहरान की मदद करने वाले सभी वित्तीय और व्यावसायिक रास्तों को पूरी तरह से बंद करने की बात कही है। साथ ही, उन देशों को भी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है जो ईरान को किसी भी प्रकार का आर्थिक सहारा दे रहे हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अमेरिका पर बढ़ता वित्तीय बोझ

यह सारा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका खुद बहुत बड़े आर्थिक दबाव से जूझ रहा है। हाल ही में अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज $40 trillion के आंकड़े को पार कर गया है। हैरानी की बात यह है कि $39 trillion का आंकड़ा पार होने के मात्र पांच महीने बाद ही कर्ज इस नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। देश में सरकारी खर्च और बजट घाटे को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हालात यह हैं कि इस साल अमेरिकी कर्ज पर चुकाया जाने वाला ब्याज $1 trillion से ज्यादा होने की उम्मीद है, जबकि 30-year U.S. Treasury bond के ब्याज दरें पिछले दो दशकों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं।

व्हाइट हाउस और विशेषज्ञों की राय

इस स्थिति पर बोलते हुए व्हाइट हाउस के प्रवक्ता Kush Desai ने बताया कि सरकार का मुख्य ध्यान फिजूलखर्ची, धोखाधड़ी और गलत कामों को रोकने पर है, ताकि देश के कर्ज और जीडीपी के अनुपात को सुधारा जा सके। हालांकि, इस मामले में आर्थिक मामलों के जानकारों की चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी Margaret Spellings ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यह बढ़ता हुआ सरकारी कर्ज आम जनता के लिए जीवनयापन को महंगा बना रहा है और जरूरी खर्चों तथा निवेश को रोककर अमेरिका की लंबी उम्र की समृद्धि के सामने बड़ा खतरा पैदा कर रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment