Iran Health Diplomacy: युद्ध के दौरान ईरान के विदेश मंत्री ने स्वास्थ्य कूटनीति को बताया बेहद जरूरी, मेडिकल सप्लाई पर की बात।

तेहरान में युद्ध के समय स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने के लिए एक बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने 11 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी कि मुश्किल समय में देश के भीतर दवाइयां, मेडिकल उपकरण और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य कूटनीति ने बहुत अहम भूमिका निभाई। उन्होंने विदेश मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच आपसी तालमेल की खुलकर तारीफ की और बताया कि किस तरह कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल करके जरूरी मेडिकल सामानों को देश के अंदर लाया गया।
विदेश में रहने वाले प्रवासियों और समुदायों का मिला साथ
विदेश मंत्री ने बताया कि इस मुश्किल दौर में देश के लोगों की एकता के साथ-साथ विदेशों में रह रहे ईरानियों, मुस्लिम भाइयों और शिया समुदायों ने भी दिल खोलकर मदद की। उन्होंने एक खास घटना का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे एक विदेशी देश से 25 एम्बुलेंस ईरान भेजी गईं। प्रवासियों द्वारा जुटाए गए इस राहत सामान को पूरी तरह से सुरक्षित तरीके से कूटनीतिक माध्यमों के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया। इसके अलावा युद्ध में क्षतिग्रस्त हुई स्वास्थ्य से जुड़ी इमारतों को फिर से खड़ा करने का काम भी तेजी से चल रहा है। अंदिमेस्क के एक अस्पताल को दोबारा बनाने के लिए फंड जुटाने का अभियान शुरू किया गया था, जिसके लिए काफी बड़ी रकम पहले ही जमा की जा चुकी है।
स्वास्थ्य और विदेश मंत्रालय के बीच हुआ नया समझौता
हाल ही में युद्ध के दौरान तबाह हुई बुनियादी सुविधाओं को ठीक करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के बीच एक नए सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस संघर्ष के दौरान ईरान ने पूरी दुनिया के सामने अपनी ताकत, नैतिकता, मान-मर्यादा और सम्मान का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। उन्होंने इस बात को भी माना कि जंग जैसे हालात होने के बाद भी देश के अस्पताल और मेडिकल सेंटर लगातार काम करते रहे और वहां के स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा के साथ निभाई।