Iran Gas Production Update: ईरान सितंबर तक शुरू करेगा गैस उत्पादन, अमेरिका और इसराइल के हमलों से हुआ था भारी नुकसान.

ईरान के तेल मंत्री Mohsen Paknejad ने 11 अगस्त 2026 को यह बड़ा ऐलान किया है कि उनका देश इस साल सितंबर के आखिर तक हर दिन 95 मिलियन क्यूबिक मीटर नेचुरल गैस के उत्पादन को फिर से चालू कर देगा। ईरान सरकार इस बहाने उस एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को ठीक करने में जुटी है, जिसे हाल ही में हुए अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध के दौरान भारी नुकसान पहुंचा था। इस युद्ध की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र को बहुत तगड़ा झटका लगा है और आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
उत्पादन में आई थी भारी गिरावट
इस संघर्ष की शुरुआत के बाद से ही ईरान के नेचुरल गैस उत्पादन में बहुत बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। फरवरी के आखिर से लेकर अब तक हर दिन लगभग 230 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन कम हो गया था, जिससे देश के अंदर गैस की आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा। हालांकि सरकार की तरफ से जुलाई 2026 में ही यह उम्मीद जताई गई थी कि आने वाले कुछ महीनों में करीब 100 मिलियन क्यूबिक मीटर की क्षमता को फिर से पटरी पर लाया जाएगा। अब मंत्री के नए बयान से साफ हो गया है कि सितंबर तक हालात को काफी हद तक सुधारने की पूरी तैयारी चल रही है।
अर्थव्यवस्था और महंगाई का बुरा हाल
इस युद्ध और कड़े प्रतिबंधों की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी IMF के अनुमान के मुताबिक, देश की अर्थव्यवस्था में 5.4 प्रतिशत की जोरदार गिरावट आई है और सालाना महंगाई दर बढ़कर 88.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इतनी ज्यादा महंगाई की वजह से आम नागरिकों के लिए रोजमर्रा की चीजें खरीदना भी बहुत मुश्किल हो गया है और लोगों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।
तेल निर्यात में भी आई भारी कमी
सिर्फ गैस ही नहीं बल्कि तेल के कारोबार पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने से पहले जहां हर दिन औसतन 1.8 मिलियन बैरल तेल का निर्यात होता था, वहीं पिछले महीने यह घटकर रोजाना 500,000 बैरल से भी कम रह गया है। अमेरिका का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में नेवल नाकाबंदी और कड़े प्रतिबंधों की वजह से ही ईरान अपनी ऊर्जा संपत्तियों को बेचने और भेजने में नाकाम साबित हो रहा है।