ईरान के नेता का बड़ा बयान, अमेरिका ने इसराइल के चक्कर में खाड़ी देशों की सुरक्षा को खतरे में डाला

ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका पर बहुत बड़ा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर सिर्फ इसराइल के हितों को साध रहा है। इस बारे में एक रिपोर्ट ANI (स्त्रोत: ANI News) के हवाले से सामने आई है। इस बयान के सामने आने के बाद से मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
पड़ोसी देशों से मिल रहे हैं नए संदेश
अपने एक आधिकारिक बयान में Ghalibaf ने यह भी बताया कि अमेरिका की इन नीतियों की वजह से पड़ोसी देशों में काफी खतरा बढ़ गया है। इसी कारण से ईरान को कई पड़ोसी देशों से लगातार संदेश मिल रहे हैं। ये देश अब नए सुरक्षा ढांचे और बड़े स्तर पर आर्थिक सहयोग स्थापित करना चाहते हैं। उनका तर्क है कि क्षेत्र में लंबी शांति और सुरक्षा किसी बाहरी देश के साथ जुड़ने से नहीं बल्कि आपस में मिलकर एक स्वतंत्र व्यवस्था बनाने से ही संभव हो सकती है।
तनाव और समझौतों का दौर
ईरान के बड़े नेताओं का यह भी मानना है कि हाल ही में हुए संघर्षों में वाशिंगटन और तेल अवीव यानी अमेरिका और इसराइल को करारी हार का सामना करना पड़ा है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब वे अपनी सैन्य योजनाओं में सफल नहीं हो पाए, तब उन्होंने आर्थिक युद्ध का रास्ता चुन लिया। हाल ही में लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को ईरान ने खुली आक्रामकता बताया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस पूरे भू-राजनीतिक माहौल के पीछे Islamabad Memorandum of Understanding का बहुत बड़ा हाथ है। इस समझौते को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezheskiyan ने इलेक्ट्रॉनिक तरीके से 28 फरवरी को साइन किया था ताकि चल रही लड़ाइयों को खत्म किया जा सके। ईरानी स्पीकर ने इस समझौते को प्रतिरोध मोर्चा की बड़ी जीत बताया था और कहा था कि इससे अमेरिका को ईरान के सहयोगियों को मानना ही पड़ा। इस समझौते के बाद से लगातार बातचीत चल रही है जिसमें मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने पर जोर दिया जा रहा है।