ईरान के बयान से मची हलचल, अमेरिकी सेना के जाने के बाद इराक तय करेगा नई क्षेत्रीय व्यवस्था.

Praggya Singh sabal26 August 20262 min read116 viewsWorld
ईरान के बयान से मची हलचल, अमेरिकी सेना के जाने के बाद इराक तय करेगा नई क्षेत्रीय व्यवस्था.

ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने हाल ही में एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना के जाने के बाद इराक आने वाले समय में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बात उन्होंने तेहरान में इराक की सुप्रीम जुडिशियल काउंसिल के प्रमुख Faiq Zaidan के साथ एक आधिकारिक बैठक के दौरान कही। उन्होंने इस समय को दोनों देशों के इतिहास का एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक दौर बताया है।

अमेरिकी सेना की वापसी पर ईरान की प्रतिक्रिया

ईरानी संसद के स्पीकर ने इराक से अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी सैनिकों की होने वाली विदाई की तारीफ करते हुए इसे इराकी सरकार और वहां के नागरिकों के लिए एक ऐतिहासिक सम्मान करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने राजनीतिक और सैन्य मामलों में ईरान के खिलाफ पूरी तरह से असफल रहा है और भविष्य में उसके आर्थिक कदम भी विफल साबित होंगे। तेहरान में हुई इस बैठक में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei और राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian भी शामिल रहे, जहाँ दोनों देशों के बीच आपसी सुरक्षा को मजबूत करने को लेकर विस्तार से बातचीत की गई।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इराक की तरफ से तय की गई तारीख

दूसरी तरफ इराकी अधिकारियों ने विदेशी सैनिकों की वापसी की समयसीमा को लेकर अपनी बात स्पष्ट कर दी है। इराकी प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi ने 24 अगस्त 2026 को यह पुष्टि की थी कि अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना की पूरी तरह से वापसी 30 सितंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। इस डेडलाइन की पुष्टि प्रधानमंत्री के प्रवक्ता Sabah al-Numan ने 23 अगस्त को फिर से की थी। उन्होंने इस कदम को एक रणनीतिक मील का पत्थर बताया है जो इराकी सेना की खुद पर निर्भरता को साबित करता है। इराकी सरकार इस पूरी प्रक्रिया को एक स्वतंत्र देश के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने का मुख्य आधार मानती है।

हथियारों को लेकर कड़े नियम

विदेशी सैनिकों को बाहर भेजने के साथ-साथ इराकी सरकार ने 30 सितंबर की इस तारीख को स्थानीय सशस्त्र समूहों के लिए भी आखिरी समयसीमा तय किया है। इसके तहत सभी स्थानीय समूहों को अपने हथियार डालने होंगे और हथियारों का नियंत्रण पूरी तरह से केवल राज्य के पास रखना होगा। इन तमाम राजनीतिक और सामरिक गतिविधियों की पूरी जानकारी Al Jazeera English की लाइव अपडेट्स में 26 अगस्त 2026 को दी गई है। इस बदलाव से पूरे मिडिल ईस्ट के राजनीतिक समीकरण में एक नया मोड़ आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

Share:

Comments

Leave a comment