ईरान के संसद अध्यक्ष का अमेरिका पर कड़ा प्रहार, बोले थियेटर डिप्लोमेसी और झूठे वादों का खेल अब बंद करो

ईरान के संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने हाल ही में अमेरिका की कूटनीतिक शैली पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को अमेरिका के बात करने के तरीके को 'थियेटर डिप्लोमेसी' करार दिया है। उनका कहना है कि अमेरिका एक तरफ बड़े हमले की धमकी देता है और दूसरी तरफ बातचीत का ढोंग रचता है, जो कि पूरी तरह से एक विफल रणनीति है। ANI News की रिपोर्ट के अनुसार, गालिबफ़ ने इसे एक अंतहीन नाटक बताया है।
कूटनीतिक तनाव और समुद्री सुरक्षा का मुद्दा
गालिबफ़ ने अमेरिका को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें हकीकत को स्वीकार करना चाहिए और अपने किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब Strait of Hormuz को लेकर तनाव बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए 31 अगस्त 2026 तक एक संभावित समझौते की उम्मीद जताई जा रही है। इस दौरान ईरान और ओमान इस मामले को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।
दूसरी ओर, ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री Brigadier General Majid Ebn-e-Reza ने स्पष्ट किया है कि ईरानी सशस्त्र बल किसी भी बाहरी खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने बताया कि ईरान की सैन्य ताकत पूरी तरह से उनके स्वदेशी रक्षा उद्योग पर आधारित है। वहीं, अमेरिका की ओर से CENTCOM ने 6 अगस्त को जानकारी दी कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ नाकेबंदी अभियान के तहत 49 वाणिज्यिक जहाजों को दूसरी दिशा में भेजा, दो जहाजों को निष्क्रिय किया और दो पर सवार होकर जांच की।
अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी ईरान के साथ समझौते में रुचि दिखाई थी। उन्होंने दावा किया था कि ईरान ने ही एक बड़े अमेरिकी सैन्य हमले को रोकने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाया था, हालांकि ईरान ने इस दावे का सिरे से खंडन किया है। ट्रम्प ने हथियारों की कमी की खबरों को भी नकारा है और अपने रक्षा सचिव Pete Hegseth के कामकाज पर संतोष जाहिर किया है। गालिबफ़ ने अपनी बात में जोर देकर कहा कि डराना, झूठे वादे करना और फेक न्यूज का इस्तेमाल करना अब पुरानी और असफल रणनीति हो चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया भर की नजरें टिकी हैं क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए बेहद संवेदनशील रास्ता है।