Iran Crisis: ईरान में आसमान छूती महंगाई से आम जनजीवन बेहाल, डॉलर के मुकाबले रियाल में आई भारी गिरावट

ईरान के आम लोग इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट और भारी महंगाई से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई है। देश में लगातार बढ़ती कीमतों और कमजोर होती करेंसी की वजह से लोगों की जेब पर बहुत बड़ा असर पड़ रहा है। बाजार में हालात यह हैं कि आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है और जरूरत की चीजें खरीदना भी आम आदमी के बस से बाहर होता जा रहा है।
ईरान में डॉलर के मुकाबले रियाल की स्थिति
19 अगस्त 2026 तक तेहरान के खुले बाजार में अमेरिकी डॉलर 1,894,000 ईरानी रियाल तक पहुंच गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दिखाता है। पिछले एक हफ्ते में डॉलर के मुकाबले रियाल में 1.18 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि पिछले छह महीनों में इसमें 15.84 प्रतिशत की भारी तेजी दर्ज की गई है। प्रतिबंधों की वजह से सेंट्रल बैंक की आधिकारिक दर बाजार की असली स्थिति से काफी अलग है, इसलिए आम लोग मुख्य रूप से तोमान में लेनदेन करते हैं, जहां एक तोमान दस रियाल के बराबर होता है।
महंगाई और खाने-पीने की चीजों के दाम
देश में महंगाई इस समय सबसे बड़ा संकट बनी हुई है और 16 अगस्त 2026 तक साल-दर-साल महंगाई दर 80 प्रतिशत से ऊपर निकल चुकी है। जुलाई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, कंज्यूमर कीमतें पिछले साल की तुलना में 87.9 प्रतिशत अधिक थीं, जबकि खाने-पीने की चीजों की महंगाई बढ़कर 128 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा, तेहरान में रहने के लिए मकान और घर के किराए में भी भारी उछाल आया है। मार्च के महीने में किराए की कीमतों में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि मकानों के दाम साल-दर-साल लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं। मार्च के आखिर से लेकर अब तक डॉलर के हिसाब से न्यूनतम मजदूरी 105 डॉलर से घटकर 86 डॉलर रह गई है, जिससे परिवारों की चीजें खरीदने की ताकत बहुत कम हो गई है।
सरकारी नीतियां और क्षेत्रीय व्यापार
नीतिगत मोर्चे पर बात करें तो ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री Seyed Ali Madanizadeh ने 17 और 18 अगस्त को अमेरिकी चेतावनियों को खारिज कर दिया और कहा कि यह वाशिंगटन की झुंझलाहट को दिखाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान बाहरी दबाव के असर को कम करने के लिए आर्थिक सुधारों पर काम कर रहा है और क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। वहीं दूसरी तरफ, ट्रेड प्रमोशन संगठन के Mohammad-Sadegh Ghanadzadeh ने 16 अगस्त को बताया कि 21 मार्च से 22 जुलाई के बीच बिना तेल वाला व्यापार लगभग 30 प्रतिशत तक कम हो गया है।
सुरक्षा और कड़े नियम
इन तमाम आर्थिक मुश्किलों के बीच, ईरानी संसद ने 19 अगस्त 2026 को शिक्षा, मीडिया और संस्कृति में विदेशी दखल को रोकने के लिए एक योजना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, यूएई तट के पास मिसाइल गतिविधियों की खबरों के बाद ईरान के सशस्त्र बलों ने अमेरिकी सेना के साथ सहयोग करने को लेकर खाड़ी देशों को चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ किया है कि तेहरान के साथ फिलहाल कोई बातचीत तय नहीं है, जबकि ईरानी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है।