ईरान के IRGC चीफ का बड़ा बयान, अमेरिका और इसराइल के पास हथियार रहे तो हम भी बनाएंगे परमाणु बम

Aanya5 August 20262 min read55 viewsWorld
ईरान के IRGC चीफ का बड़ा बयान, अमेरिका और इसराइल के पास हथियार रहे तो हम भी बनाएंगे परमाणु बम

ईरान और पश्चिमी देशों के बीच परमाणु हथियारों को लेकर तनाव एक बार फिर गहरा गया है। IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर-इन-चीफ Ahmad Vahidi के एक कथित बयान ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में खलबली मचा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को यह बात सामने आई कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में काम जारी रखेगा, जब तक कि अमेरिका और इसराइल के पास ये हथियार मौजूद हैं।

परमाणु हथियारों पर ईरान का रुख

कमांडर Ahmad Vahidi ने अपने बयान में कहा कि जब तक अमेरिका और इसराइल के पास परमाणु शक्ति है, ईरान भी अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इन्हें बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने साफ किया कि अगर ये देश अपने परमाणु हथियारों को खत्म कर देते हैं, तो ईरान भी पीछे हटने को तैयार है। इस बयान को विशेषज्ञों ने परमाणु बम बनाने की दिशा में ईरान की स्पष्ट मंशा के तौर पर देखा है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा स्थिति पर असर पड़ सकता है।

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अमेरिका और ईरान की बातचीत पर संशय

एक तरफ परमाणु कार्यक्रमों पर ये बयान आया है, तो दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 4 और 5 अगस्त को दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने इस चर्चा को एक डीली के लिए अंतिम मौका बताया था। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वाशिंगटन के साथ सीधे तौर पर कोई परमाणु वार्ता नहीं चल रही है। ईरान के अनुसार, ओमान के मध्यस्थों के जरिए केवल होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही को लेकर बातचीत हो रही है। ईरानी पक्ष ने ट्रंप के बयानों को अविश्वसनीय और विरोधाभासी बताया है। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने 5 अगस्त को फिर दोहराया कि अमेरिका ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा।

IAEA की रिपोर्ट और वैश्विक चिंता

International Atomic Energy Agency (IAEA) ने अपनी पिछली जांचों में ईरान के किसी समन्वित परमाणु हथियार कार्यक्रम के सबूत नहीं मिलने की बात कही थी। मार्च 2026 में अमेरिकी खुफिया निदेशक Tulsi Gabbard ने भी गवाही दी थी कि ईरान परमाणु स्थलों के पुनर्निर्माण या संवर्धन गतिविधियों को फिर से शुरू नहीं कर रहा है। इसके बावजूद, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान ने 2021 से IAEA की निगरानी गतिविधियों को सीमित कर दिया है, जिससे परमाणु कार्यक्रम की बारीकी से जांच करना कठिन हो गया है। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि ईरान 'परमाणु दहलीज' (nuclear threshold) के करीब पहुंच गया है। अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं।

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