Iran News: ईरान के केशम द्वीप के पास हुए दो धमाके, होर्मुज जलडमरूमध्य में बिगड़े हालात और बढ़ गई टेंशन.

Aanya13 August 20264 min read101 viewsWorld
Iran News: ईरान के केशम द्वीप के पास हुए दो धमाके, होर्मुज जलडमरूमध्य में बिगड़े हालात और बढ़ गई टेंशन.

ईरान के केशम द्वीप के आसपास हाल ही में हुए दो जोरदार धमाकों की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। यह घटनाक्रम सीधे तौर पर तेहरान की ओर से एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इस क्षेत्र में सुरक्षा के हालात एक बार फिर से बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। आम लोगों और खाड़ी देशों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है, खासकर जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और नया विधेयक

मौजूदा समय में ईरान एक ऐसे नए विधेयक को तैयार करने में जुटा हुआ है, जिसके जरिए दुश्मन देशों के जहाजों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकेगी। ईरानी संसद ने हाल ही में इस प्रस्तावित विधेयक पर लंबी चर्चा की है, जिसका मकसद इस अहम समुद्री रास्ते पर अपने नियंत्रण को और ज्यादा मजबूत करना है। इस नए नियम के लागू होने के बाद, अमेरिका और इजराइल जैसे देशों के जहाजों का इस रास्ते से गुजरना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। यदि कोई भी जहाज इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। गल्फ न्यूज और अल जजीरा की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जानकारी ईरान की प्रमुख समाचार एजेंसी तस्नीम के हवाले से सामने आई है।

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मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तारियां

इस बीच, ईरान के खुफिया मंत्रालय की तरफ से एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि देश के किरमान प्रांत में कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए काम करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इन संदिग्ध गतिविधियों पर बेहद कड़ी नजर रखे हुए हैं, ताकि देश के भीतर किसी भी तरह की अशांति को फैलने से रोका जा सके। तेहरान में आंतरिक सुरक्षा को भी पहले से काफी ज्यादा बढ़ा दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।

केशम द्वीप के पास हुए धमाकों की जांच जारी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गुरुवार की रात ईरान के होर्मोजगन प्रांत में स्थित दक्षिणी केशम द्वीप पर दो धमाके सुने गए। ये धमाके होर्मोज जलडमरूमध्य के मुख्य प्रवेश द्वार के नजदीक हुए हैं। शुरुआती रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि इन धमाकों से ठीक पहले ईरानी सशस्त्र बलों और दुश्मन सेना के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हुई थी। होर्मोजगन के राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों के डिप्टी गवर्नर अहमद नफीसी ने इस बात की पुष्टि की है कि स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा अधिकारी इन धमाकों की असली वजह का पता लगाने के लिए गहराई से जांच-पड़ताल कर रहे हैं।

ओमान और ईरान के बीच समझौते की रूपरेखा

इन तमाम तनावपूर्ण हालातों के बीच, गुरुवार को सऊदी अरब के अल-हदाथ और अल-अरबिया न्यूज चैनलों ने एक राहत भरी खबर साझा की। इन रिपोर्टों के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को अगले 60 दिनों के लिए फिर से खोलने को लेकर एक समझौते की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। चीन की शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते पर आपसी सहमति तो बन गई है, लेकिन इसे अभी ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की तरफ से अंतिम हरी झंडी मिलना बाकी है।

जहाजों की आवाजाही और तय किए गए नए रास्ते

तैयार की गई इस समझौते की रूपरेखा के तहत, होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने वाले सभी कमर्शियल जहाज ईरान के पास वाले रास्ते का इस्तेमाल करेंगे। वहीं दूसरी ओर, इस रास्ते से बाहर निकलने वाले जहाज ओमान के नजदीक वाले रूट से होकर गुजरेंगे। सबसे खास बात यह है कि इस आवाजाही के दौरान जहाजों से किसी भी प्रकार का शुल्क यानी टैक्स नहीं वसूला जाएगा। जब एक बार सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद इस समझौते को मंजूरी दे देगी, उसके बाद अमेरिका और ईरान अपने पुराने शांति समझौते की तरफ लौट सकेंगे। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को दोबारा शुरू करने की आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अंतिम दौर की बातचीत

कूटनीतिक मोर्चे पर मिल रही जानकारियों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच विभिन्न मध्यस्थों के माध्यम से लगातार संपर्क बना हुआ है। यह गुप्त बातचीत अब अपने बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सार्वजनिक रूप से यह उम्मीद जताई है कि ईरान के साथ चल रहा यह गतिरोध और जंग का माहौल जल्द ही समाप्त हो जाएगा। ईरानी संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने सोशल मीडिया के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच आपसी भरोसे की भारी कमी पर खुलकर बात की है। उन्होंने वाशिंगटन पर यह बड़ा आरोप लगाया है कि अमेरिका कभी तो सैन्य कार्रवाई की खुली धमकी देता है और कभी अचानक से कूटनीति की बातें करने लगता है, जिससे स्थिति को संभालने में मुश्किलें आती हैं।

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