अमेरिका के प्रतिबंधों से बचने के लिए ईरान का बड़ा प्लान, लोकल करेंसी में व्यापार करने की अपील.

ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने हाल ही में एक बड़ा बयान देते हुए देशों से लोकल करेंसी में व्यापार करने की अपील की है। उनका यह बयान अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों से बचने और आपसी कारोबार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामने आया है। इस नई रणनीति से व्यापारिक लेन-देन को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम हो सके।
यह पूरी घटना 21 अगस्त 2026 को बगदाद में ईरानी और इराकी व्यापारिक प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक के दौरान सामने आई। इस बैठक में बोलते हुए ईरानी स्पीकर ने साफ किया कि राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार करना और फिर उन्हें अमेरिकी मुद्रा में बदलना इस समय पूरी तरह से संभव है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आर्थिक विकास और देश की सुरक्षा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा क्षेत्रीय तनाव को अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू की गई आर्थिक और मानसिक जंग का नाम दिया।
अमेरिका की तरफ से और कड़े प्रतिबंधों की चेतावनी
ईरान की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वाशिंगटन की तरफ से आर्थिक दबाव लगातार बढ़ाया जा रहा है। अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 20 अगस्त 2026 को चेतावनी दी थी कि तेहरान को इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। इस संबंध में आगे की प्रशासनिक जानकारियां सोमवार को जारी होने की उम्मीद है। इन आने वाले कदमों को लेकर ईरानी मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई और एक आधिकारिक बयान जारी किया। मंत्रालय ने इन संभावित उपायों को आर्थिक आतंकवाद करार दिया और इसे ईरानी जनता के खिलाफ पिछले 73 सालों से चली आ रही दुश्मनी का हिस्सा बताया।
क्षेत्रीय आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने और विदेशी वित्तीय प्रतिबंधों के असर को कम करने के लिए ईरान ने हाल ही में ओमान के साथ एक तरजीही व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं। ऐसे समझौतों से क्षेत्रीय स्तर पर व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और देश अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के नए रास्ते तलाश रहे हैं।