Iran News: ईरान के फार्स प्रांत में मिला भारी मात्रा में नेचुरल गैस का भंडार, जानिए पूरी बात.

ईरान के ऑयल मिनिस्टर Mohsen Paknejad ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित फार्स प्रांत में एक बहुत बड़े नेचुरल गैस फील्ड की खोज का ऐलान किया। ईरान के सरकारी मीडिया और समाचार एजेंसियों द्वारा दी गई आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए खोजे गए गैस फील्ड में 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट यानी लगभग 212.4 बिलियन क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस मौजूद है। इस बड़ी खोज से देश के ऊर्जा सेक्टर को एक नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि पिछले कुछ समय से ईरान का ऊर्जा क्षेत्र काफी दबाव में चल रहा था।
गैस की गुणवत्ता और रिकवरी की जानकारी
तकनीकी सर्वे और आंकलन से यह बात सामने आई है कि कुल गैस भंडार में से करीब 5.7 ट्रिलियन क्यूबिक फीट यानी लगभग 161 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस को आसानी से निकाला जा सकता है। जानकारों के अनुसार इसकी रिकवरी दर लगभग 72% से 73% के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है। सबसे खास बात यह है कि इस संसाधन को "स्वीट गैस" की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें अशुद्धियों का स्तर बहुत कम होता है। कम अशुद्धियां होने की वजह से इसके विकास और कामकाज पर होने वाला खर्च भी काफी कम आएगा। इसके अलावा, इस खोज के दौरान बड़ी मात्रा में गैस कंडेनसेट भी मिला है, जिससे इन सभी संसाधनों की कुल कीमत अरबों डॉलर में आंकी जा रही है।
उत्पादन और विकास की योजनाएं
ऑयल मिनिस्टर Mohsen Paknejad ने अपनी बातचीत में यह भी बताया कि यह निकालने योग्य गैस भंडार अकेले साउथ पार्स गैस फील्ड के एक चरण से मिलने वाले 15 साल के उत्पादन के बराबर है। सरकार इस नए क्षेत्र के विकास कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने की योजना बना रही है, ताकि देश के औद्योगिक और ऊर्जा की ज्यादा खपत वाले सेक्टरों को समय पर मदद मिल सके। हालांकि, सरकार के अधिकारियों ने यह भी माना है कि इस प्रोजेक्ट से पूरी क्षमता के साथ गैस का उत्पादन शुरू होने में अभी कई साल का समय लग जाएगा।
ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां
यह नई खोज ऐसे समय पर सामने आई है जब दुनिया के पास दूसरा सबसे बड़ा नेचुरल गैस रिजर्व रखने वाला ईरान अपने ऊर्जा सेक्टर को संभालने की कोशिश कर रहा है। क्षेत्रीय संघर्षों और बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की वजह से देश को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, पिछले फरवरी महीने के आखिर से हुए हमलों की वजह से देश की नेचुरल गैस उत्पादन क्षमता में प्रतिदिन लगभग 230 मिलियन क्यूबिक मीटर की भारी कमी आ गई थी। हालांकि, सरकारी अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले कुछ महीनों में वे इस क्षमता का लगभग 100 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रतिदिन का हिस्सा फिर से बहाल कर लेंगे, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा अभी भी इस सेक्टर पर मंडरा रहा है।