अमेरिका और इसराइल अब बेहद कमज़ोर स्थिति में, ईरान के बड़े अधिकारी का बड़ा बयान सामने आया.

Praggya Singh sabal22 August 20263 min read57 viewsWorld
अमेरिका और इसराइल अब बेहद कमज़ोर स्थिति में, ईरान के बड़े अधिकारी का बड़ा बयान सामने आया.

दुनियाभर में चल रहे तनाव के बीच ईरान के अधिकारियों की तरफ से एक बहुत बड़ा दावा सामने आया है। ईरान के बासिज प्रमुख होजतोलेस्लाम हुसैन तएब ने 22 अगस्त 2026 को यह ऐलान किया कि वैश्विक शक्ति का संतुलन अब बदल रहा है। उन्होंने साफ कहा कि इस समय अमेरिका और इसराइल अपनी अब तक की सबसे कमज़ोर स्थिति से गुजर रहे हैं। ईरान के इन बयानों से यह साफ पता चलता है कि मध्य पूर्व में हालात किस करवट बैठ रहे हैं और इसका असर पूरी दुनिया के साथ-साथ खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है।

ईरान के नेताओं ने क्या कहा

हुसैन तएब ने आगे बताया कि अमेरिका ने ईरान पर निर्णायक सैन्य जीत हासिल करने की कोशिशों को छोड़ दिया है। इसके बजाय अब अमेरिका राजनीतिक, सामाजिक और क्षेत्रीय दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है, जिसे उन्होंने शुरुआती युद्ध की योजनाओं की नाकामी बताया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने खुद कभी किसी युद्धविराम की पहल नहीं की, बल्कि दुश्मन देश खुद समझौते की ओर आगे बढ़े हैं। इसी दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी यह बयान दिया कि अब इस महीनों पुराने युद्ध को खत्म करने का सही समय आ गया है। उन्होंने कहा कि तेहरान पूरी ताकत और सम्मान के साथ अपनी बात रख रहा है।

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युद्ध खत्म करने की शर्तें और सुरक्षा में बदलाव

ईरान के राष्ट्रपति ने युद्ध समाप्त करने के लिए अपनी कुछ शर्तें भी रखी हैं। इनमें ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता देना, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई करना और भविष्य में किसी भी सैन्य हमले के खिलाफ पक्की अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिलना शामिल है। यह सब घटनाक्रम तब सामने आया जब अगस्त 2026 की शुरुआत में सर्वोच्च नेता मोहितबा खामेनेई ने अपनी सुरक्षा टीम में बड़ा फेरबदल किया था। उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अपने वफादार लोगों को अहम पदों पर बैठाया, जिसमें तएब भी शामिल हैं, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि ईरान का रुख अब और भी ज्यादा सख्त हो गया है।

सौदा और व्यापारिक संदेश

ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघर गालिबात ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने इसराइल के फायदों के चक्कर में अपने ही क्षेत्रीय सहयोगियों को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि तेहरान को पड़ोसी देशों से नई सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को लेकर कई संदेश मिले हैं। वहीं दूसरी ओर, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तो यहाँ तक कह दिया कि ईरान ने अमेरिका के खिलाफ इस युद्ध में जीत हासिल कर ली है। उन्होंने एक चौदह सूत्रीय सहमति पत्र का हवाला दिया जिस पर पिछले दो महीनों से बातचीत चल रही है। हालांकि, इसके उलट ईरान के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को सीधे तौर पर युद्ध की घोषणा बताया है।

जमीनी हालात और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और अभी भी यह एक गतिरोध की स्थिति में बना हुआ है। 21 अगस्त 2026 को सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी थी कि अगर किसी भी विरोधी देश ने कोई गलती की, तो उसे बहुत तगड़ा जवाब दिया जाएगा। इस समय रणनीतिक तौर पर अहम माना जाने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य तेहरान की तरफ से आंशिक रूप से बंद रखा गया है। दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ओमान की तरफ से एक नौकायन गलियारा चला रही है ताकि नौसेना का घेरा बना रहे और जहाजों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।

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