Oman और Iran के बीच हुआ समझौता, Hormuz Strait में शुरू होगा नया शिपिंग रूट.

फारस की खाड़ी में सुरक्षा और व्यापार को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है जिसके तहत Iran और Oman ने मिलकर एक अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर बनाने पर सहमति जताई है। इस बात की पुष्टि 26 अगस्त 2026 को ईरानी उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने की है, जिससे समुद्री व्यापार से जुड़े लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह नया रास्ता सात मील चौड़ा होगा और पूरी तरह से ईरानी क्षेत्रीय पानी के भीतर ही रहेगा, लेकिन अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जलडमरूमध्य पूरी तरह से नहीं खुला है और अभी भी कड़े ईरानी नियंत्रण के दायरे में आता है।
ओमान के विदेश मंत्री ने जताई थी उम्मीद
इससे पहले ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi ने 25 अगस्त 2026 को इस कॉरिडोर की घोषणा को लेकर काफी उम्मीद जताई थी और इसे एक साझा चरणबद्ध ढांचे का हिस्सा बताया था। इस संयुक्त योजना में स्ट्रेट से बारूदी सुरंगों यानी माइंस को साफ करने का प्रोजेक्ट भी शामिल है ताकि जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाया जा सके। दोनों देशों के बीच तकनीकी बातचीत अगले 30 से 60 दिनों तक जारी रहने वाली है, जिसके बाद स्थायी नेविगेशन रूट और लंबे समय के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट के नियम तय किए जाएंगे।
सैन्य जहाजों के लिए रहेगा पूरी तरह प्रतिबंध
ईरानी अधिकारी Kazem Gharibabadi ने साफ शब्दों में कहा है कि यह स्ट्रेट सभी प्रकार के सैन्य जहाजों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा और केवल कमर्शियल ट्रैफिक पर ही ईरानी अधिकारियों की निगरानी बनी रहेगी। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि इस रास्ते का पूरी तरह से खुलना इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका जून 2026 में हुए अंतरिम शांति समझौते के तहत अपने वादों को पूरा करता है या नहीं। इन शर्तों में युद्ध को समाप्त करना, नाकाबंदी हटाना और यमन में चल रहे हालात का समाधान निकालना शामिल है जो अभी भी पूरी तरह हल नहीं हुआ है।
तनावपूर्ण माहौल और अमेरिकी प्रतिबंध
यह कूटनीतिक समझौता ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में लगातार समुद्री सुरक्षा की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसमें 24 अगस्त 2026 को ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर मिसाइल हमला होने की खबर भी शामिल है। इसके अलावा, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के 25 अगस्त के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी नौसेना ने इलाके से माइंस साफ कर दी हैं। ईरान ने इसे प्रोपaganda प्रचार बताया है और चेतावनी दी है कि अगर बिना अनुमति के कोई भी माइंस हटाने की कोशिश की गई तो इसका कड़ा सैन्य जवाब दिया जाएगा। दूसरी ओर, अमेरिका ने भी अपनी आर्थिक दबाव की नीति को तेज करते हुए ट्रेजरी सचिव Scott Bessent के जरिए ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा कर दी है।
यह पूरा नया घटनाक्रम पाकिस्तान की मध्यस्थता में जून 2026 में हुए Islamabad Memorandum of Understanding यानी अंतरिम समझौते के खत्म होने के बाद सामने आया है, जिसमें 60 दिनों का युद्धविराम शामिल था। अगस्त महीने के अंत तक यह समय सीमा समाप्त हो चुकी है, जिसके चलते दोनों देशों के बीच अपनी व्यापक जिम्मेदारियों को लेकर अभी भी कई बड़े मतभेद बने हुए हैं और इस वजह से खाड़ी क्षेत्र में यात्रा करने वाले लोगों और व्यापारियों को पूरी स्थिति पर नजर रखनी पड़ रही है।