Oman और Iran के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर समझौता जल्द, अमेरिका के साथ MoU विवाद भी जारी

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी तनाव के बीच Iran और Oman अब एक बड़े समझौते के करीब पहुंच गए हैं। ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 8 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि दोनों पड़ोसी देश इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के प्रबंधन के लिए एक अस्थायी मार्ग बनाने पर काम कर रहे हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समुद्री आवाजाही को व्यवस्थित करना है, जिसे लेकर लंबे समय से अनिश्चितता बनी हुई थी।
समझौते की तैयारी और अमेरिका की प्रतिक्रिया
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह समझौता सैन्य और नौसेना बलों की देखरेख में अंतिम रूप ले रहा है। जानकारों का मानना है कि इसके माध्यम से Iran इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण मजबूत करना चाहता है। दूसरी ओर, अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि Iran सुरक्षित व्यापारिक आवाजाही सुनिश्चित करता है, तो US ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी को हटाने के लिए तैयार है। वर्तमान में हॉर्मुज की स्थिति काफी तनावपूर्ण है, जहां 2 अगस्त को केवल 2 जहाज गुजरे थे, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 73 प्रति दिन हुआ करती थी। फिलहाल 260 जहाज अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
Islamabad MoU और अमेरिका के साथ विवाद
विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने एक बार फिर United States पर Islamabad Memorandum of Understanding (MoU) के उल्लंघन का आरोप लगाया है। यह समझौता 17 जून 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ था, जिसका लक्ष्य 2026 Iran War के बाद शांति स्थापित करना था। Iran का कहना है कि US ने समझौते की शर्तों को दरकिनार कर अपनी मर्जी से वैकल्पिक मार्ग बनाए हैं और जहाजों को सुरक्षित गलियारे से दूर किया है। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि समझौते का अर्थ व्यापारिक जहाजों पर हमला करने की अनुमति देना नहीं है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और नए प्रतिबंध
तनाव के इस दौर में क्षेत्रीय समीकरण भी तेजी से बदल रहे हैं। 7 अगस्त को Saudi Arabia, Pakistan और Turkey ने मक्का में एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य ईरानी मिसाइल हमलों के खिलाफ एकजुटता दिखाना है। वहीं, US State Department ने 8 अगस्त को Iran के डिजिटल एसेट नेटवर्क से जुड़े 6 संस्थाओं और 1 व्यक्ति पर नए प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। पूर्व अमेरिकी रक्षा सचिव Mark Esper ने भी इस Iran-Oman सौदे को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। पाकिस्तान लगातार दोनों देशों से शांति बनाए रखने और पुराने समझौतों का सम्मान करने की अपील कर रहा है ताकि खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और व्यापारियों का कामकाज प्रभावित न हो।