Oman: ओमान और ईरान के बीच हुआ नया समझौता, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान ने साफ की स्थिति.

ईरान के उप विदेश मंत्री ने 25 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया कि ओमान के साथ हुआ अस्थायी नौवहन मार्ग का समझौता होर्मुज जलडमरूमध्य के पूरी तरह से खुलने का संकेत नहीं देता है। इस समझौते के तहत एक अस्थायी संयुक्त नेविगेशन कॉरिडोर बनाने और पानी के रास्ते से माइंस को हटाने के लिए एक संयुक्त प्रोजेक्ट पर काम करने की बात तय हुई है। तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची और ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसाईडी के बीच उच्च स्तर की बातचीत के बाद इस चरणबद्ध ढांचे की घोषणा की गई थी।
समझौते के पीछे की मुख्य बातें और शर्तें
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसाईडी ने इस बातचीत को काफी सकारात्मक बताया और कहा कि सुरक्षित नेविगेशन के लिए व्यावहारिक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके बावजूद ईरानी अधिकारियों ने यह दोहराया कि इस जलडमरूमध्य का पूरी तरह से खुलना इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका उसकी कुछ खास मांगें पूरी करे। इन मांगों में नौसेना की नाकाबंदी हटाना, तेल प्रतिबंधों को खत्म करना और फ्रीज की गई संपत्तियों को वापस देना शामिल है। पिछले छह महीनों से वाणिज्यिक जहाजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे यह रास्ता लगभग ठप हो गया था।
समुद्री सुरक्षा और अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान
इस समझौते की घोषणा वाले ही दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से सभी माइंस को साफ या नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने नए माइंस बिछाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की घोषणा भी की। हालांकि, जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर यानी जेएमआईसी ने इस इलाके के लिए अभी भी गंभीर खतरा बना हुआ बताया है। उनका कहना है कि ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम के पास बहने वाली या अनजानी माइंस का जोखिम अभी भी बना हुआ है.
आगे की बातचीत और कूटनीतिक प्रयास
तेहरान और मस्कट के बीच अब एक स्थायी नेविगेशन कॉरिडोर, इस रास्ते के लंबे समय के प्रशासनिक कामकाज और ट्रैफिक मैनेजमेंट के नियमों को लेकर आगे की बातचीत जारी रहेगी। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और आपसी क्षेत्रीय बैठकों में हिस्सा लेने पर जोर दिया है। बता दें कि यह सारे कूटनीतिक घटनाक्रम उस समय सामने आए हैं जब हाल ही में अमेरिका ने नए प्रतिबंध लगाए थे और प्रतिबंध लागू होने के कुछ ही घंटों बाद इस जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर हमले की खबर आई थी। ऐसे में ओमान के साथ यह अस्थायी समझौता जहाजों की आवाजाही को कुछ हद तक राहत जरूर दे रहा है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए अभी अमेरिकी रुख में बदलाव का इंतजार करना होगा।