Strait of Hormuz: ओमान और ईरान के बीच समझौते पर जल्द लग सकती है मुहर, फारस की खाड़ी में ट्रैफिक को लेकर हुई बड़ी बात.

फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ ईरान और ओमान के बीच एक अहम समझौता होने की पूरी उम्मीद है। ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने शनिवार, 8 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज से समुद्री यातायात को मैनेज करने के लिए एक कानूनी रास्ते पर बातचीत अंतिम चरण में है और डील बहुत जल्द फाइनल हो सकती है। इस पूरी स्थिति पर दुनिया भर के देशों की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि इस रास्ते से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की सप्लाई बड़े पैमाने पर होती है। इस बीच, आम लोगों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के बीच भी इस बात की चर्चा है कि इस अहम जलडमरूमध्य के खुलने से व्यापार और यात्रा पर क्या असर पड़ेगा।
ओमान के साथ चल रही है सकारात्मक बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री के अनुसार, ओमान के साथ यह समझौता समुद्री यातायात के लिए एक नए और अस्थायी रास्ते को लेकर किया जा रहा है। ईरान का यह कहना है कि पुराना ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम यानी TSS तकनीकी और कानूनी जटिलताओं की वजह से अब स्वीकार्य नहीं है। इस सिलसिले में ईरान और ओमान की नौसेना और सैन्य बलों के अधिकारियों के बीच पुराने मैप्स को सामने रखकर लगातार बैठकें हो रही हैं। ओमान ने भी इस बात को माना है कि जहाजों पर होने वाले हमलों की वह निंदा करता है और ओमान तथा ईरान के बीच की यह बातचीत काफी सकारात्मक और निर्माणकारी दिशा में आगे बढ़ रही है। ओमान ने यह भी जोर दिया है कि किसी भी ऐसे कदम से बचना चाहिए जिससे इन चल रही वार्ताओं पर बुरा असर पड़े।
अमेरिका से मुआवजे की उठी मांग
हालांकि ओमान के साथ समझौता होने के करीब है, लेकिन ईरान का यह साफ कहना है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को पूरी तरह से दोबारा खोलने के लिए कुछ अन्य शर्तें भी पूरी होनी जरूरी हैं। ईरान का मुख्य रूप से यह कहना है कि जलमार्ग के पूर्ण संचालन के लिए अमेरिका की तरफ से मुआवजा मिलना चाहिए। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने जून महीने में दोनों पक्षों के बीच साइन किए गए 14 सूत्रीय मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी MoU का उल्लंघन किया है। इस बारे में ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता Sardar Hossein Mohebbi ने भी यही स्पष्ट किया कि इस रास्ते का पूरा खुलना ओमान के साथ समझौते से पूरी तरह अलग है और यह सिर्फ इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका ईरान की शर्तों को मानता है या नहीं।
अमेरिका और ईरान की शर्तें आमने-सामने
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohammad Bagher Zolghadr ने अपनी पुरानी बात को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ सभी धमकियों और आक्रामकता को बंद करना होगा। इसके साथ ही सभी तरह के प्रतिबंधों को हटाना, ईरान के जमे हुए यानी फ्रोजन एसेट्स को वापस करना और युद्ध के नुकसान का मुआवजा देना उनकी मुख्य शर्तों में शामिल है। दूसरी तरफ, अमेरिका के एक अधिकारी ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को यह संकेत दिया था कि वाशिंगटन को यह उम्मीद है कि ओमान और ईरान के बीच जल्द ही कोई समझौता हो जाएगा जिससे सामान्य तेल ट्रैफिक फिर से शुरू हो सके। अमेरिकी अधिकारी का यह भी कहना था कि जैसे ही बिना किसी बाधा के कमर्शियल शिपिंग बहाल होगी, अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अपने नाकेबंदी को हटा लेगा, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।