हार्मज जलडमरूमध्य समझौते में आई बड़ी रुकावट, ईरान और ओमान के बीच बातचीत में क्यों हो रही है देरी.

ईरान और ओमान के बीच समुद्री रास्तों को लेकर चल रही बातचीत में बड़ी अड़चनें सामने आई हैं। 17 अगस्त 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया कि ओमान के साथ हो रही समुद्री वार्ताओं में बहुत ज्यादा वक्त लग रहा है। इस देरी के पीछे कई जटिल कारण बताए गए हैं।
बातचीत में देरी के मुख्य कारण
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने जानकारी दी कि इस समझौते में कई अंतरराष्ट्रीय देश शामिल हो चुके हैं, जिससे मामले की पेचीदगी बढ़ गई है। इसके अलावा, बाहरी ताकतों द्वारा लगातार इसमें रुकावट डाली जा रही है, जो इस देरी का मुख्य कारण है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमरीका और ईरान के बीच हुआ 60 दिन का समझौता यानी एमओयू खत्म हो चुका है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य सैन्य तनाव को कम करना था।
ओमान और ईरान के बीच सुरक्षित रास्ता
तेहरान और मस्कट के बीच एक आपसी समझौता हुआ है, जिसके तहत सुरक्षित आवाजाही के रास्ते बनाए जाने हैं। इस व्यवस्था के अनुसार, ईरान देश के अंदर आने वाले यातायात को संभालेगा और ओमान बाहर जाने वाले यानी आउटबाउंड जहाजों की देखरेख करेगा। हालांकि, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस रास्ते को पूरी तरह से दोबारा शुरू करना इस बात पर निर्भर करता है कि अमरीकी नौसेना की नाकाबंदी और सैन्य धमकियां पूरी तरह से बंद हों।
ओमान की स्थिति और आगे की योजना
ओमान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 17 अगस्त 2026 को ओमान सल्तनत ने जलडमरूमध्य में नौकायन को सुरक्षित बनाने और अपनी संप्रभुता की रक्षा करने के अपने संकल्प को फिर से दोहराया है। इस बारे में अधिक जानकारी ओमान विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है। तमाम डेडलॉक और रुकावटों के बाद भी एक संयुक्त कार्य समूह इस ट्रांजिट रूट के प्रशासनिक और सर्विस लॉजिस्टिक्स को संभालने के लिए लगातार काम कर रहा है।