Strait of Hormuz: ओमान और ईरान के बीच शिपिंग कॉरिडोर पर बातचीत जारी, लेकिन जलमार्ग फिलहाल बंद

हार्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान और ओमान के बीच एक नई पहल शुरू हुई है। 5 अगस्त 2026 तक मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों देश एक नए 'मिडल कॉरिडोर' को बनाने पर चर्चा कर रहे हैं, जिससे जहाजों के आने-जाने के लिए सुरक्षित रास्ते तय किए जा सकें। यह बातचीत तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर हो रही है ताकि समुद्री व्यापार को कुछ हद तक व्यवस्थित किया जा सके।
बातचीत का असली मकसद क्या है
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ किया है कि फिलहाल ओमान के साथ जो बातचीत चल रही है, उसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पूरा जलमार्ग फिर से खुल गया है। उन्होंने 4 अगस्त 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह केवल एक अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर बनाने की कोशिश है। ईरान का यह रुख है कि जलडमरूमध्य अभी भी बंद है क्योंकि उनका मानना है कि अमेरिका ने समझौतों का उल्लंघन किया है और ईरान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं।
अमेरिका और ईरान का आमना-सामना
दूसरी तरफ, अमेरिका की सरकार भी इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि स्थिति में सुधार के लिए बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही कोई समझौता हो सकता है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने भी इसी तरह की उम्मीद जताई है। हालांकि, ईरान की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि वे अमेरिका की मांगों या उनके दबाव के हिसाब से काम नहीं करेंगे। ईरान का कहना है कि ये केवल दो देशों (ओमान और ईरान) के बीच के तटीय मुद्दे हैं।
समुद्री सुरक्षा और हालिया घटना
व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी बीच 4 अगस्त 2026 को ओमान के तट के पास एक लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज Minoan Pioneer पर एक गोला दागा गया, जिससे उसमें आग लग गई। इस हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी ने नहीं ली है, लेकिन ऐसी घटनाएं क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा देती हैं।
ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध नहीं हटते, सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी खत्म नहीं होती, तब तक सामान्य रूप से शिपिंग बहाल करना मुश्किल है। इस खबर के बारे में अधिक जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट पर देख सकते हैं।