Strait of Hormuz को लेकर ओमान और ईरान में बनी सहमति, शिपिंग लेन खोलने पर काम जारी

होरमुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। ईरान और ओमान के बीच सुरक्षित शिपिंग लेन बनाने को लेकर बातचीत अपने अंतिम दौर में पहुँच चुकी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 4 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी कि दोनों देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मसले का हल निकाल रहे हैं।
शिपिंग लेन का नया प्लान क्या है
इस प्रस्तावित समझौते के तहत, फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में आने वाले जहाज ईरान के तट के पास वाली लेन का उपयोग करेंगे, जो पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण में होगी। वहीं, बाहर जाने वाले जहाजों के लिए ओमान के करीब एक अलग रास्ता तय किया गया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत समुद्री सुरक्षा और कामकाज के खर्च के लिए एक service fee तय की जाएगी और इससे होने वाली कमाई को दोनों देशों में बराबर बांटा जाएगा। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज किया है और कहा है कि किसी भी अस्थायी व्यवस्था के लिए ईरान की मंजूरी की जरूरत नहीं है और न ही तेहरान को कोई भुगतान किया जाएगा।
तनाव और सुरक्षा चुनौतियां
क्षेत्र की स्थिति अभी भी काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। Strait of Hormuz को 28 फरवरी से बंद कर दिया गया था, जब अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर हमलों की खबरें आई थीं। इस बीच, खबर है कि ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ है, जिसमें एक नाविक लापता है। साथ ही, होरमुज के बीच वाले रास्ते पर ईरान द्वारा माइंस बिछाए जाने की भी सूचना है।
अमेरिकी दावों और ईरान का रुख
एक तरफ ईरान लगातार यह कह रहा है कि उसकी बातचीत केवल ओमान से हो रही है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 3 अगस्त को दावा किया कि ईरान की درخواست पर अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई और कतर के साथ बातचीत चल रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी पुष्टि की है कि इस दिशा में प्रगति तो हुई है, लेकिन मामला अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि होरमुज को खोलना ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण और अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को हटाने से जुड़ा हुआ है। यह स्थिति वहां काम करने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस समुद्री रास्ते के बंद रहने का असर पूरी दुनिया के सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह केवल ओमान के साथ अपने सुरक्षा हितों पर चर्चा कर रहा है।