Oman के साथ बातचीत में ईरान निकाल रहा है होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद का रास्ता, अमेरिका का दबाव जारी

Praggya Singh sabal15 August 20263 min read76 viewsOman
Oman के साथ बातचीत में ईरान निकाल रहा है होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद का रास्ता, अमेरिका का दबाव जारी

अमेरिका के साथ पिछले कुछ समय से चल रहे गंभीर तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर बने गतिरोध को सुलझाने के लिए एक नया रास्ता तलाशने की कोशिश शुरू कर दी है। इस महत्वपूर्ण मामले पर तेहरान और वाशिंगटन के बीच बयानबाजी का दौर जारी है, जबकि ओमान इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान का कहना है कि ओमान के साथ हो रही बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं, जिससे इस जलमार्ग पर मंडरा रहा खतरा कुछ हद तक कम हो सकता है।

ओमान के साथ बातचीत और ईरान की शर्तें

अल जजीरा, फॉक्स न्यूज और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने उम्मीद जताई है कि ओमान के साथ चल रही बातचीत से होर्मुज जलडमरूमध्य के मसले का कोई व्यावहारिक हल निकल आएगा। उन्होंने बातचीत के दौरान यह स्पष्ट किया कि उनका देश न तो युद्ध चाहता है और न ही पूर्ण शांति की ऐसी स्थिति जहाँ उसकी संप्रभुता पर आंच आए। इसके साथ ही, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इस जलमार्ग को पूरी तरह खोलने के लिए अपनी पुरानी शर्त दोहराई है। आईआरजीसी का कहना है कि जलमार्ग तभी खोला जा सकता है जब अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह समाप्त करे और युद्ध के दौरान हुए नुकसान के एवज में उचित मुआवजा दे।

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अमेरिका का सख्त रुख और ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के मुद्दे

दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान पर अपना कड़ा रुख बरकरार रखा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुलकर आरोप लगाया है कि ईरान आपसी संबंधों में सुधार करने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है, इसलिए वाशिंगटन उस पर लगातार दबाव बनाए रखेगा। ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अरागची ने हाल ही में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि ओमान के माध्यम से होर्मुज में एक अस्थायी रास्ता बनाने पर सहमति लगभग तय हो गई है, लेकिन जलडमरूमध्य को दोबारा शुरू करने से पहले अमेरिका को उनकी शर्तें माननी होंगी।

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इस संबंध में कई कड़ी शर्तें रखी हैं। इन शर्तों के तहत अमेरिका को ईरान को धमकाना पूरी तरह बंद करना होगा, ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई रोकनी होगी, नौसैनिक नाकाबंदी हटानी होगी, संघर्ष में हुए नुकसान का मुआवजा देना होगा, तथा सभी प्रकार के प्रतिबंधों को हटाते हुए ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को तुरंत बहाल करना होगा।

ओमान की मध्यस्थता और अमेरिकी सेना का बयान

जारी बातचीत के दौरान ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है, हालांकि ओमान ने इस पर किसी भी देश विशेष पर सीधा दोष नहीं मढ़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और उसकी पारंपरिक तथा गैरपारंपरिक सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। अमेरिकी सेना की ओर से यह जानकारी दी गई है कि होर्मुज में लागू की गई नौसैनिक नाकाबंदी के कारण अब तक कुल 53 जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। हालांकि, अमेरिकी मध्य कमान ने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मानवीय सहायता ले जा रहे 30 से ज्यादा जहाजों को पूरी सुरक्षा के साथ वहां से गुजरने की अनुमति दी गई थी।

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