Iraq Disarmament: ईरान के संसद अध्यक्ष ने इराक के अंदरूनी मामलों में दखल न देने की खाई कसम, जानिए पूरा मामला.

ईरान की तरफ से एक बड़ा बयान सामने आया है जिसमें कहा गया है कि वह किसी भी दूसरे देश के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देगा। 21 अगस्त 2026 को ईरान की संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने आधिकारिक तौर पर यह बात साफ कर दी है। उन्होंने बताया कि तेहरान इराक सरकार और वहां के सशस्त्र समूहों के बीच होने वाले किसी भी समझौते का पूरा समर्थन करेगा। इस बयान को पिछले दिनों चली आ रही गुप्त बैठकों और अलग-अलग चर्चाओं के बाद एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
करबला और नजफ में दिए गए बयान
Mohammad Bagher Ghalibaf ने यह बात करबला में आयोजित एक अरबीन समारोह के दौरान और नजफ में Abu Mahdi al-Muhandis के मकबरे पर जाने के दौरान कही। उन्होंने दोहराया कि ईरान और इराक के रिश्ते बहुत मजबूत हैं और दोनों देश मिलकर बाहरी दबाव और विदेशी दखल का विरोध करते रहेंगे। दूसरी तरफ, इराक सरकार अपने देश में हथियारों पर पूरा नियंत्रण पाने के लिए लगातार कड़ी कोशिश कर रही है। इराक के प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi ने 21 अगस्त को साफ किया कि देश के सभी बड़े राजनीतिक दल हथियारों पर सिर्फ सरकार का अधिकार होने की बात पर पूरी तरह सहमत हैं।
हथियार जमा करने की आखिरी तारीख
इराक सरकार ने सशस्त्र समूहों के लिए हथियारों को सरेंडर करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 तय की है। सरकार के प्रवक्ता Haider Al-Aboudi ने इस बात की पुष्टि की है कि इस समय कुल छह अलग-अलग सशस्त्र समूहों के साथ बातचीत जारी है। कुछ समूहों की तरफ से सकारात्मक जवाब मिला है, जबकि कुछ अभी भी हथियार सौंपने के तौर-तरीकों को लेकर चर्चा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी तरह की सैन्य भिड़ंत से बचना चाहती है, क्योंकि देश में हथियारों का खुलेआम घूमना जरूरी आर्थिक निवेश को रोकता है और कारोबार पर बुरा असर डालता है।
कूटनीतिक बैठकों का दौर
यह सभी सार्वजनिक बयान कई दिनों की कूटनीतिक बैठकों के बाद आए हैं। इससे पहले 20 अगस्त 2026 को Mohammad Bagher Ghalibaf ने इराक के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Qasem Al-Aboudi के साथ चर्चा के दौरान इराक के कानूनी ढांचे का समर्थन किया था। उस दौरान Qasem Al-Aboudi ने जोर देकर कहा था कि इराक का संविधान किसी भी सशस्त्र समूह को दूसरे देशों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने की अनुमति नहीं देता है। इससे पहले 19 अगस्त 2026 को कुछ ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थीं जिनमें दावा किया गया था कि Mohammad Bagher Ghalibaf ने इराकी संसद के अध्यक्ष Haibat al-Halbousi से कहा था कि सशस्त्र गुटों को अपने हथियार केंद्रीय सरकार को देने के बजाय अपने पास रखने चाहिए या फिर उन्हें पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस को सौंप देने चाहिए। उस समय इन हथियारों को ईरान के हथियार बताया गया था, जिस पर Haibat al-Halbousi ने कड़ी आपत्ति जताई थी और सवाल उठाया था कि क्या तेहरान कभी अपने देश की सीमा के अंदर इराक समर्थित armed groups को काम करने की अनुमति देगा।