फारस की खाड़ी में ईरान का बड़ा कदम, नियम तोड़ने वाले जहाजों पर लगेगा भारी जुर्माना और होगी जब्ती

फारस की खाड़ी में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अब ईरान ने एक नया और कड़ा नियम लागू कर दिया है। 23 अगस्त 2026 को पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी यानी PGSA ने एक औपचारिक चेतावनी जारी की है। इसके तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले जो भी जहाज नियमों को तोड़ेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे जहाजों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है या फिर पूरी तरह से जब्त भी किया जा सकता है। ईरान द्वारा 5 मई 2026 को बनाई गई इस संस्था को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े आतंकवाद विरोधी नियमों के तहत पहले ही ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
जहाजों की लंबी सूची हुई जारी और बढ़ाई गई पाबंदियां
PGSA ने अपनी वेबसाइट पर उन दर्जनों जहाजों की एक लिस्ट पब्लिश की है जिन पर ट्रांजिट नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया गया है। इस अथॉरिटी का कहना है कि जो भी जहाज इन ब्लैकलिस्टेड जहाजों के साथ सामान के आदान-प्रदान यानी ट्रांसशिपमेंट या अन्य तरीकों से मदद करते हुए मिलेंगे, उनके नाम भी इस उल्लंघनकर्ताओं की सूची में जोड़ दिए जाएंगे। फारस की खाड़ी से जुड़े या वहां जाने वाले कारोबारियों और शिपर्स को सलाह दी गई है कि वे किसी भी जहाज को किराए पर लेने से पहले PGSA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उसकी स्थिति की जांच जरूर कर लें।
ईरान की संसद का फैसला और सुरक्षा अधिकारियों की चेतावनी
यह पूरा कदम ईरानी संसद द्वारा बिल के आर्टिकल 3 को मंजूरी दिए जाने के बाद उठाया गया है। इसका मकसद इस जलडमरूमध्य पर तेहरान को मुख्य नियंत्रक के रूप में स्थापित करना है, ताकि राज्य सुरक्षा, बीमा, ईंधन, पर्यावरण और नेविगेशन सेवाओं के नाम पर फीस वसूल सके। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि इन उपायों का मुख्य उद्देश्य इस जलमार्ग पर औपचारिक नियंत्रण बनाना है। वहीं दूसरी ओर, ईरान के शीर्ष सुरक्षा निकाय के नए प्रमुख मोहसेन रेजाई ने भी 23 अगस्त को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई देश अमेरिका के नए आर्थिक कदमों का समर्थन करेगा तो ईरान उसे युद्ध की कार्रवाई मानेगा।
क्षेत्र में जारी तनाव और कूटनीतिक प्रयास
यह इलाका फरवरी की शुरुआत से ही भारी तनाव के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों के बाद से ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का रास्ता लगभग बंद चल रहा है। 23 अगस्त 2026 तक की स्थिति के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी कर रखी है, जिसकी वजह से 70 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है और 3 जहाज पूरी तरह से निष्क्रिय हो गए हैं। हालांकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र मानता है, फिर भी स्थिति को संभालने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। इराक ने अपने व्यक्तिगत तेल टैंकरों के लिए विशेष रास्ता निकलवा लिया है और पाकिस्तान के सेना प्रमुख भी 24 अगस्त 2026 को ईरान का दौरा करने वाले हैं ताकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई जा सके। इसके अलावा, अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट भी ईरान पर आर्थिक शिकंजा कसने के लिए 24 अगस्त को नए उपायों की घोषणा करने की तैयारी कर रहे हैं।