Iran News: ईरानी फोटो पत्रकार याल्दा मोएरी को 15 साल की जेल, अमेरिका और इसराइल के समर्थन का लगा बड़ा आरोप.

Praggya Singh sabal10 August 20262 min read71 viewsWorld
Iran News: ईरानी फोटो पत्रकार याल्दा मोएरी को 15 साल की जेल, अमेरिका और इसराइल के समर्थन का लगा बड़ा आरोप.

ईरान की राजधानी तेहरान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ देश की जानी-मानी फोटो पत्रकार याल्दा मोएरी को अदालत ने कुल 15 साल की लंबी जेल की सजा सुनाई है। अमेरिकी मानवाधिकार संगठन और अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे इसराइल और अमेरिका के हितों को आगे बढ़ाने वाली गतिविधियों में शामिल थीं। यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश के भीतर पत्रकारों और मीडिया घरानों पर सरकारी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और प्रेस की स्वतंत्रता पर भारी संकट मंडरा रहा है।

याल्दा मोएरी ने खुद सोशल मीडिया के जरिए अपनी इस सजा की पुष्टि की है और लोगों को इसकी जानकारी दी है। मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी HRANA के अनुसार, इस पूरे मामले की सुनवाई पिछले महीने तेहरान की रिवोल्यूशनरी कोर्ट में उनकी गैरमौजूदगी में ही पूरी कर ली गई थी। हालांकि, अदालत द्वारा लगाए गए इन तमाम आरोपों और पूरी कानूनी प्रक्रिया की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इस फैसले के बाद से पत्रकारों के बीच खलबली मच गई है।

2022 के प्रदर्शनों के दौरान भी हुई थीं गिरफ्तार

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मोएरी लंबे समय से ईरान के सामाजिक और राजनीतिक हालात की तस्वीरें दुनिया के सामने लाती रही हैं और अपने काम को लेकर चर्चा में रही हैं। उन्हें पहले भी प्रशासन की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, महसा अमीनी की मौत के बाद साल 2022 में देश भर में हुए बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों के दौरान उन्हें तेहरान से गिरफ्तार किया गया था और जेल भेजा गया था। इसके बाद इस साल मार्च के महीने में उन्होंने ईरान के भीतर से ही एक अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल को इंटरव्यू दिया था। इस बातचीत में उन्होंने देश के मौजूदा हालात, अमेरिकी-इसराइली हमलों और इंटरनेट पर लगाई गई सख्त पाबंदियों के बीच पत्रकारों के सामने आ रही बड़ी चुनौतियों के बारे में खुलकर बात की थी।

पत्रकारों पर लगातार बढ़ रहा है प्रशासन का दबाव

ईरान में प्रेस की आजादी पर नजर रखने वाले एक अन्य स्वतंत्र मानवाधिकार संगठन डिफेंडिंग फ्री फ्लो ऑफ इन्फॉर्मेशन ने अपनी हालिया रिपोर्ट में देश के अंदर पत्रकारिता की स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन का यह दावा है कि साल 2025 में कम से कम 225 पत्रकारों या फिर मीडिया संस्थानों को किसी न किसी तरह की न्यायिक या फिर सुरक्षा संबंधी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुल 25 पत्रकारों या मीडिया अधिकारियों को मिलाकर 30 वर्ष से अधिक की जेल की सजाएं सुनाई जा चुकी हैं, जबकि इसके अलावा 8 मीडिया संस्थानों को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, इन तमाम आंकड़ों की भी किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ईरान में मीडिया कर्मियों के लिए हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं।

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