Iran News: ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका और इसराइल पर लगाया बड़ा आरोप, देश को अंदर से तोड़ने की चल रही है साजिश.

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 12 August 2026 को एक बड़ा बयान दिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि अमेरिका और इसराइल मिलकर ईरान को अंदर से कमजोर करने और गिराने की साजिश रच रहे हैं। यह जानकारी सबसे पहले SaudiNews50 की रिपोर्ट में सामने आई थी, जो राष्ट्रपति के उस पुराने रुख से मेल खाती है जिसमें उन्होंने बाहरी दबावों के सामने ईरान के डटे रहने की बात कही थी। इस बयान के बाद से दोनों देशों के बीच चल रहा तनाव और ज्यादा गहराता हुआ नजर आ रहा है, जिसे आम लोग भी काफी चिंता के साथ देख रहे हैं।
तनाव और संघर्ष की पूरी कहानी
राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब दोनों पक्षों के बीच फरवरी 2026 से ही एक लंबा और खतरनाक संघर्ष चल रहा है। इस टकराव के दौरान अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर कई हमले किए, जिनमें ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की भी मौत हो गई थी। हालांकि इसके बाद June 2026 में पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक युद्धविराम यानी सीजफायर समझौता हुआ था, लेकिन मुख्य मुद्दे जैसे कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और प्रतिबंधों को हटाना अभी भी अनसुलझे हैं। यही वजह है कि दोनों तरफ से लगातार तनाव बना हुआ है और एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं।
राजनीतिक बदलाव और कड़े फैसले
इस ताजा आरोप से कुछ दिन पहले ही राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर Dr. Hassan Salama ने 11 August को जारी अपनी एक समीक्षा में इस बढ़ते तनाव को इच्छाशक्ति की लड़ाई बताया था। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया था कि ईरान किस तरह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी का रणनीतिक रूप से इस्तेमाल कर रहा है। इससे पहले 10 August को ईरान ने साफ कर दिया था कि जब तक अमेरिका अपना नाकाबंदी खत्म नहीं करता, युद्ध का हर्जाना नहीं देता, प्रतिबंध नहीं हटाता और रोके गए पैसे वापस नहीं करता, तब तक इस जरूरी जलमार्ग को नहीं खोला जाएगा। इसके अलावा, 9 August को ईरान ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व कमांडर Mohsen Rezaei को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव नियुक्त किया, जिसे कई जानकारों ने देश के फैसलों में सैन्य दखल बढ़ने के रूप में देखा है।
आगे की स्थिति और अमेरिकी प्रतिक्रिया
इस महीने की शुरुआत में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दावा किया था कि अमेरिका को युद्ध के बारे में बात करने से पहले अपनी जीत साबित करनी चाहिए, क्योंकि उसे पहले ही नाकामी और संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ा है। ईरान के विदेश मंत्री ने भी अपनी सेना की ताकत और दुनिया की किसी भी बड़ी सेना से मुकाबला करने की पूरी तैयारी पर जोर दिया था। दूसरी तरफ, 6 August को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने उम्मीद जताई थी कि ईरान के साथ चल रहा यह युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा, हालांकि उन्होंने हथियारों और सैन्य उपकरणों की सप्लाई में आ रही दिक्कतों को भी स्वीकार किया था। इस पूरे घटनाक्रम का असर पूरी दुनिया के साथ-साथ उन सभी लोगों पर भी पड़ रहा है जो इस क्षेत्र की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं।