Iran War: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का बड़ा ऐलान, देश में पूर्ण आर्थिक और सैन्य युद्ध शुरू

रविवार, 23 अगस्त 2026 को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक बड़े संबोधन में देश की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता जताई। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA पर प्रसारित हुए एक लाइव भाषण में उन्होंने साफ कहा कि उनका देश इस समय पूरी तरह से आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा मोर्चे पर एक बड़े युद्ध का सामना कर रहा है। राष्ट्रपति ने देश की खराब आर्थिक हालत पर खुलकर बात की और आम जनता को हो रही परेशानियों को लेकर अपना व्यक्तिगत दुख और शर्मिंदगी भी जाहिर की। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान इस असमान युद्ध के सामने पूरी मजबूती के साथ खड़ा है और सरकार की प्राथमिकता हमेशा से आम जनता की जरूरतों को पूरा करना रही है।
अमेरिका और पश्चिम देशों से बढ़ रहा तनाव
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान पर बनाए जा रहे दबाव को ईरान-इराक युद्ध से भी ज्यादा पेचीदा और नुकसानदेह बताया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की उन चेतावनियों का जिक्र किया जिनमें ईरान पर पहले से भी ज्यादा सख्त और कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने भी कभी न देखे गए आर्थिक उपायों को लागू करने का संकल्प लिया है। ईरानी राष्ट्रपति ने बताया कि विरोधी देशों को यह उम्मीद थी कि ईरान की अर्थव्यवस्था वेनेजुएला की तरह पूरी तरह बैठ जाएगी, लेकिन इसके विपरीत उनके देश ने प्रतिरोध की एक मिसाल कायम की है और अपनी स्थिति मजबूत रखी है।
रुक गई बातचीत और समझौतों की बात
मौजूदा समय में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत पूरी तरह से ठप पड़ी है। पिछले साल जून के महीने में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए एक समझौता यानी MOU तैयार हुआ था। इस समझौते को लागू करने के लिए 60 दिन की समय सीमा तय की गई थी जो पिछले हफ्ते ही खत्म हो गई, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका। बताया जा रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों देशों ने इस डील से अपने कदम पीछे खींच लिए। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने अमेरिका की इन आर्थिक चालों को पुरानी दादागीरी करार दिया और कहा कि अमेरिका को ईरानी जनता से हमेशा इज्जत से बात करनी चाहिए।
सुरक्षा अधिकारियों की कड़ी चेतावनी और क्षेत्रीय गतिविधियां
बढ़ते तनाव के बीच देश के सुरक्षा अधिकारियों ने भी अपनी भाषा कड़ी कर दी है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख Mohsen Rezai ने शनिवार, 22 अगस्त 2026 को चेतावनी दी कि जो भी देश अमेरिका के इन प्रतिबंधों का समर्थन करेगा, उसे ईरान का दुश्मन माना जाएगा। उन्होंने साफ कर दिया कि अगर पड़ोसी देश होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा किसी दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करके इस आर्थिक युद्ध में शामिल होते हैं, तो ईरान उन देशों के हितों को निशाना बनाएगा। ईरान ने अपनी तेल निर्यात पर रोक के जवाब में पहले ही होर्मुज में जहाजों के आने-जाने में रुकावट पैदा करना और क्षेत्रीय ठिकानों पर हमले करना शुरू कर दिया है।
राजनयिक कोशिशें अब भी जारी
तनाव के बीच कूटनीतिक रास्ते पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं और बातचीत की कोशिशें लगातार चल रही हैं। मिस्र के विदेश मंत्री ने शनिवार, 22 अगस्त 2026 को अपने ईरानी समकक्ष से फोन पर लंबी बात की और रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने के रास्तों पर चर्चा की। इसके अलावा पाकिस्तान के फील्ड मार्शल Asim Munir सोमवार, 24 अगस्त 2026 को तेहरान का दौरा करने वाले हैं। इस दौरे का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जरूरी बातचीत करना है।