ईरान का बड़ा बयान: जंग नहीं बढ़ाना चाहते, अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं हम.

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 4 अगस्त 2026 को यह स्पष्ट किया है कि उनका देश अपनी सीमाओं की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन वे क्षेत्र में युद्ध को और आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देशों के बीच विवाद एक बीमारी की तरह है और ईरान ने अपने आधुनिक इतिहास में कभी किसी युद्ध की शुरुआत नहीं की है। उनका पूरा जोर केवल हमलावरों को रोकने और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने पर है।
समझौते पर उलझन और तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच जून 2026 में एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) हुआ था, जिसे राष्ट्रपति भविष्य के रिश्तों के लिए अहम मानते हैं। इस समझौते का मकसद सीजफायर लागू करना और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना था। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बयानों को लेकर काफी विरोधाभास दिख रहा है। जहां अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने डील की बात की है, वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से साफ इनकार किया है।
क्षेत्र में बढ़ती सैन्य हलचल
राजनयिक कोशिशों के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर है। 4 अगस्त 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस पर कम से कम तीन ड्रोन से हमला किया है। साथ ही, ओमान के तट पर एक मालवाहक जहाज पर हमले की खबर है और ईरान ने दावा किया कि उसने हॉर्मुज के ऊपर अमेरिका का एक MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराया है। ईरान के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे हॉर्मुज की स्थिति को पहले जैसा नहीं होने देंगे और अमेरिका को किसी भी तरह की नाकाबंदी न करने की चेतावनी दी है।