ईरान के Qeshm द्वीप पर अमेरिकी हमला, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी

ईरान के Qeshm द्वीप पर हाल ही में हुए एक अमेरिकी सैन्य हमले में एक ही परिवार के तीन मासूम सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हमले के विरोध में 4 अगस्त 2026 को पीड़ितों का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने भारी संख्या में भाग लिया। मारे गए लोगों में जहरा और कैसर जाफरी नामक एक दंपति और उनका दो साल का बेटा सिना जाफरी शामिल थे। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
हमले की पूरी जानकारी
ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसदीय अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने इस हमले को निहत्थे नागरिकों पर किया गया आतंकी हमला करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान इस हमले का बदला लेगा और अमेरिका को इसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला एक घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में स्थित एक घर को निशाना बनाकर किया गया था। जांच में यह सामने आया कि उस वक्त वहां कोई भी सैन्य ठिकाना मौजूद नहीं था और न ही कोई सैन्य नुकसान हुआ है। इस हादसे में परिवार के दो अन्य बच्चे बाल-बाल बच गए। यह घटना लगभग 29 या 30 जुलाई के आसपास हुई थी।
हथियार और जांच रिपोर्ट
The New York Times द्वारा की गई एक विस्तृत जांच में पता चला है कि इस हमले में अमेरिका में बने 2,000 पाउंड (लगभग 900 किलोग्राम) वजन वाले Mark-84 बम का इस्तेमाल किया गया था। इस बम को Joint Direct Attack Munition (JDAM) गाइडेंस किट से लैस किया गया था। हमले की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बम के फटने से वहां जमीन पर कम से कम 30 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिकी सेना की CENTCOM ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे नागरिक हताहतों की खबरों की जांच कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने इस सैन्य कार्रवाई को व्यापक और प्रभावशाली बताया था, जो Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के दर्जनों ठिकानों को खत्म करने के लिए की गई थी। इसके अलावा, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत फिर से शुरू करने से इनकार किया है, जबकि ईरान ने साफ किया है कि वे ओमान के मध्यस्थों के माध्यम से बातचीत कर रहे हैं। वर्तमान में CENTCOM ने यह भी जानकारी दी है कि उनके बल ईरानी वाणिज्यिक जहाजों की घेराबंदी करने में लगे हुए हैं।