Strait of Hormuz: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अकेले अधिकार का किया दावा, UAE से जुड़े जहाजों पर हमले से बढ़ा तनाव।

ईरान ने एक बार फिर से साफ कर दिया है कि Strait of Hormuz पर केवल उसी का अधिकार रहेगा और यह महत्वपूर्ण जलमार्ग पूरी तरह से उसके नियंत्रण में काम करेगा। ईरानी अधिकारियों ने बाहरी देशों की सैन्य धमकियों और राजनीतिक बयानों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि इस रास्ते को खोलना या बंद करना पूरी तरह से ईरान के फैसले पर निर्भर करेगा। क्षेत्रीय तनाव उस समय और ज्यादा बढ़ गया जब संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE से जुड़े जहाजों पर हमलों की खबरें सामने आईं, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कड़ी निंदा की गई और कनाडा ने नए प्रतिबंध लगा दिए।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव
इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की अपनी मंशा जताई थी, जिसे तेहरान की सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने 15 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया कि जलमार्ग से जुड़ा हर फैसला केवल ईरान के निर्देशों के अनुसार ही लिया जाएगा। खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर और आईआरजीसी ने भी इस बात पर जोर दिया कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों की आवाजाही पर उनकी कड़ी निगरानी है और इसके लिए अनुमति लेना जरूरी है।
संसद में नया कानून लाने की तैयारी
बढ़ते गतिरोध के बीच ईरानी संसद में एक नए कानून पर तेजी से काम चल रहा है, जिसके तहत उन देशों के जहाजों के आने-जाने पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी जिन्हें ईरान ने शत्रु देश घोषित किया है। इस सूची में मुख्य रूप से United States और Israel का नाम शामिल है। इस तनाव भरे माहौल के कारण इस रास्ते से होने वाला शिपिंग व्यापार काफी ज्यादा प्रभावित हुआ है और जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस स्थिति पर खाड़ी देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि वैश्विक व्यापार के लिए यह रास्ता बहुत महत्वपूर्ण है।