अमेरिका के सख्त प्रतिबंधों के बीच ईरान का बड़ा ऐलान, कहा- आक्रामक शर्तों पर नहीं खत्म करेंगे युद्ध.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 24 अगस्त 2026 को साफ कर दिया है कि देश किसी भी कीमत पर अपनी शर्तों पर झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक गणराज्य इस चल रहे युद्ध को हमलावर की शर्तों पर खत्म नहीं होने देगा। सरकार का पक्ष साफ है कि ईरान ने इस संघर्ष की शुरुआत नहीं की थी और वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता तथा राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करते हुए किसी भी तरह का नरमी या समर्पण नहीं दिखाएगा। प्रवक्ता ने यह भी जोर दिया कि हमलावर देश को उसके कृत्यों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना बेहद जरूरी है। इस पूरी घटना की अधिक जानकारी आप ANI News पर पढ़ सकते हैं।
अमेरिका के नए प्रतिबंधों पर तीखी प्रतिक्रिया
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर तनाव काफी बढ़ गया है। इससे पहले 23 अगस्त 2026 को देश के विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा लगाए गए नए आर्थिक प्रतिबंधों को केवल निराशा का प्रतीक बताया था। देश के राष्ट्रपति Masoud Pezakhian ने भी पहले ही शत्रुता को समाप्त करने की वकालत की थी। उनका मानना था कि किसी भी समाधान पर तब पहुंचना बेहतर होगा जब ईरान की स्थिति मजबूत और गरिमापूर्ण बनी रहे। ये सारे घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान पर अब तक के सबसे कड़े आर्थिक अभियान की घोषणा के बाद हो रहे हैं, जहां ट्रेजरी सचिव Scott Bessent और उपराष्ट्रपति JD Vance ने आर्थिक दबाव के नए दौर के संकेत दिए हैं।
होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों को चेतावनी और क्षेत्रीय दौरे
एक अन्य घटनाक्रम के तहत ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन ने आज एक औपचारिक चेतावनी जारी की है। इसके मुताबिक जो भी जहाज Strait of Hormuz में तय नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे जहाजों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है या फिर उनके सामान को जब्त किया जा सकता है। जैसे-जैसे कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल Asim Munir द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करने के लिए 24 अगस्त को तेहरान पहुंच चुके हैं। इसके अलावा ओमान के विदेश मंत्री भी क्षेत्रीय सुरक्षा और होरमुज जलडमरूमध्य के मुद्दों पर बात करने के लिए 25 अगस्त को तेहरान का दौरा करने वाले हैं। इस दौरे से जुड़ी अन्य बातें आप ANI News के माध्यम से देख सकते हैं।
प्रवक्ता Baghaei ने अमरीकी प्रतिबंधों को आर्थिक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। अन्य देशों के साथ संबंधों पर बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि चिली द्वारा तेहरान स्थित अपने दूतावास को बंद करने का फैसला कूटनीति से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे वित्तीय कारण थे। ईरान अपने विरोधियों की तरफ से थोपी जा रही अत्यधिक मांगों के खिलाफ अपनी स्थिति पर पूरी तरह कायम है, हालांकि अधिकारियों का यह भी कहना है कि यदि सही परिस्थितियां बनती हैं तो बातचीत का रास्ता हमेशा खुला रहता है।