सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव गहराया, स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मूज बंद होने से खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता.

Sushma Kumari18 August 20263 min read75 viewsSaudi
सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव गहराया, स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मूज बंद होने से खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता.

खाड़ी देशों में सुरक्षा की स्थिति एक बार फिर से गंभीर हो गई है क्योंकि Iran और क्षेत्रीय मध्यस्थों के बीच क्षेत्रीय शत्रुता को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए मांगों का आदान-प्रदान किया गया है। 18 अगस्त 2026 को सऊदी समाचार रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने मध्यस्थों को साफ तौर पर बता दिया है कि इस चल रहे युद्ध को पूरी तरह से खत्म करना अब बेहद जरूरी हो गया है। इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच हुआ 60-दिन का अस्थायी युद्धविराम समझौता 17 अगस्त से 18 अगस्त 2026 के बीच बिना किसी औपचारिक शांति संधि के समाप्त हो गया है, जिसके बाद से हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का नया दौर

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से साफ इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान बिचौलियों के माध्यम से लगातार किया जा रहा है। ईरान का रुख यह है कि वह किसी सामान्य या छोटे समझौते को स्वीकार नहीं करेगा, बल्कि वह एक ऐसे स्थायी समाधान की मांग कर रहा है जिससे भविष्य में किसी भी तरह के संघर्ष को पूरी तरह से रोका जा सके। रिपोर्टों से यह भी जानकारी सामने आई है कि अगर कूटनीतिक स्तर पर कोई ठोस प्रगति नहीं होती है, तो तेहरान पूरी तरह से आक्रामक सैन्य रुख अपनाने पर विचार कर सकता है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मूज में मची तबाही और नाकाबंदी

मौजूदा समय में महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग Strait of Hormuz पूरी तरह से बंद चल रहा है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारी Mohammad Bagher Ghalibaf ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक समुद्री नाकाबंदी को हटाया नहीं जाता, तेल प्रतिबंधों को समाप्त नहीं किया जाता, जमे हुए फंड को जारी नहीं किया जाता और देश के खिलाफ सभी सैन्य खतरों को बंद नहीं किया जाता, तब तक इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही शुरू नहीं होगी। इसी तनाव के बीच 18 अगस्त को इस जलडमरूमध्य में एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल के हमले से एक कमर्शियल जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा और इस घटना में एक व्यक्ति की जान भी चली गई।

सऊदी अरब में ड्रोन हमला और क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं

उसी दिन यानी 18 अगस्त को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जाज़ान शहर में स्थित एक तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली है। इस बीच, स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मूज को दोबारा खोलने के प्रयासों को लेकर कतर ने बयान दिया है कि शिपिंग कोऑर्डिनेट्स को लेकर ईरान और ओमान के बीच एक समझौता होना बहुत जरूरी है, तभी अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अभी कोई आधिकारिक बातचीत तय नहीं है, साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ओमान समुद्री मार्गों को दोबारा खोलने में कोई बाधा डालता है, तो उसे निशाना बनाया जा सकता है। इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं, जहां तुर्की ने तनाव कम करने की अपील की है, चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों का विरोध किया है, और मिस्र ने ईरान-ओमान समझौते को व्यापक बातचीत का एक बेहतर रास्ता बताया है।

Share:

Comments

Leave a comment