Hormuz Strait: ईरान ने रखी शर्त, कहा अमेरिका की पूरी सहमति के बिना नहीं खुलेगा रास्ता

होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी तनाव के बीच 8 अगस्त 2026 को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बड़ा बयान दिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि इस समुद्री रास्ते को फिर से खोलने का फैसला पूरी तरह से ईरान की शर्तों पर निर्भर है। ईरान के इस कड़े रुख ने ओमान के साथ हो रही बातचीत और अमेरिकी उम्मीदों को एक नया मोड़ दे दिया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।
ईरान की शर्तें और स्पष्टीकरण
ब्रिगेडियर जनरल Hossein Mohebbi, जो IRGC के प्रवक्ता हैं, ने स्पष्ट किया कि होरमुज जलडमरूमध्य महज एक व्यापारिक मार्ग नहीं है, बल्कि यह ईरान की भू-राजनीतिक शक्ति का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस रास्ते को खोलने की प्रक्रिया ओमान के साथ चल रही बातचीत से बिल्कुल अलग है। ईरान की सरकार अपनी विशिष्ट कार्यप्रणाली और शर्तों के तहत ही यहां संचालन करती है। इससे पहले ऐसी खबरें थीं कि ओमान की मध्यस्थता से स्थिति सामान्य हो जाएगी, लेकिन ईरान के इस नए बयान ने उन उम्मीदों को खारिज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला
ईरान के विदेश मंत्रालय ने 7 अगस्त 2026 को यह संकेत दिए थे कि ओमान के साथ मिलकर समुद्री यातायात के प्रबंधन पर काम किया जा रहा है। इसके तहत आने वाले जहाजों को ईरानी जलक्षेत्र और बाहर जाने वाले जहाजों को ओमान के जलक्षेत्र का उपयोग करना था। हालांकि, ईरान ने बार-बार यह दोहराया है कि जब तक अमेरिका 14 जुलाई 2026 से लागू अपने प्रतिबंधों को नहीं हटाता, तब तक पूर्ण रूप से जलडमरूमध्य को खोलना संभव नहीं है। अमेरिका ने ईरान से आने-जाने वाले जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने अपनी शर्तें कड़ी कर दी हैं।
अमेरिका और अन्य देशों की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 8 अगस्त को कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस मामले को सुलझाने के लिए ईरान के साथ बातचीत में शामिल हैं और जल्द ही किसी समझौते पर पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, अमेरिका के पूर्व रक्षा सचिव Mark Esper ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान और ओमान को यातायात प्रबंधन सौंपना अमेरिका के लिए हानिकारक हो सकता है, क्योंकि अमेरिका का मानना है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है जिस पर किसी देश का टोल या नियंत्रण नहीं होना चाहिए।
UAE की चिंता और हमला
इसी बीच, United Arab Emirates (UAE) ने 8 अगस्त 2026 को एक ADNOC जहाज पर हुए मिसाइल हमले की कड़ी निंदा की है। संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान से आग्रह किया कि वह इस तरह के हमलों को तुरंत बंद करे और होरमुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के पूरी तरह से व्यापार के लिए खोल दे। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का सीधा असर उन हजारों भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ सकता है जो समुद्री व्यापार और रसद (logistics) सेक्टर से जुड़े हुए हैं। फिलहाल पूरी स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की पैनी नजर बनी हुई है और अगले कुछ दिनों में होने वाली बातचीत काफी महत्वपूर्ण साबित होगी।