Strait of Hormuz: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए रखी कड़ी शर्तें, अमेरिका और इसराइल के सामने खड़ी की बड़ी चुनौती.

तेहरान से एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है जहां ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के नए सचिव Mohsen Rezaei ने 11 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को तभी खोला जाएगा जब अमेरिका उनकी तमाम बड़ी शर्तों को मान लेगा। इस अहम फैसले और ईरान के इस कड़े रुख से खाड़ी देशों समेत पूरी दुनिया में समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि यह जलमार्ग ग्लोबल ऑयल सप्लाई और ट्रांसपोर्ट के लिए सबसे मुख्य रास्तों में से एक माना जाता है और पिछले कुछ महीनों से इसका बंद रहना आम आदमी से लेकर बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित कर रहा है।
ईरान की लंबी और कड़ी मांगें
ईरान के अधिकारियों द्वारा रखी गई इन शर्तों में कई बड़े और गंभीर राजनीतिक मुद्दे शामिल हैं, जिन्हें पूरा करना अमेरिका के लिए आसान नहीं होगा। तेहरान की इन व्यापक मांगों के तहत ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ दुश्मनी और युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने की बात कही गई है। इसके साथ ही, ईरान ने क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य बलों की पूरी तरह से वापसी, नौसेना की नाकाबंदी को हटाने और देश पर लगाए गए सभी प्रकार के प्रतिबंधों को तुरंत हटाने की मांग रखी है।
इस लिस्ट में ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करना, दशकों के संघर्ष के दौरान हुए नुकसान का पूरा मुआवजा देना और इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी को बंद करना शामिल है। इसके अलावा, ईरान ने लेबनान और गाजा समेत पूरे क्षेत्र में तुरंत युद्धविराम लागू करने की भी बात कही है। ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार Mohammad Mokhber ने भी इन सभी मांगों का पूरा समर्थन किया है और देश की इस सख्त नीति को सही ठहराया है।
अमेरिका और अन्य देशों की प्रतिक्रिया
ईरान की तरफ से मुआवजे की मांग किए जाने पर अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी अपना कड़ा रुख अपनाया है और कहा है कि वह भी युद्ध के कारण हुए नुकसान और नागरिकों को पहुंची क्षति के लिए ईरान से मुआवजा मांग रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन का यह दावा है कि जलडमरूमध्य पर उनका कड़ा नियंत्रण है और उनका नौसैनिक पहरा पूरी तरह से सुरक्षित है।
दूसरी तरफ, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने एक बयान में संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी तरह की शांति व्यवस्था या डील को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है और दोनों देश किसी समझौते के करीब पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही, ईरान ओमान के साथ जलमार्ग के ट्रैफिक को मैनेज करने को लेकर एक अलग समझौते के भी करीब बताया जा रहा है, हालांकि ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह समझौता जलमार्ग के पूरी तरह से खुलने से बिल्कुल अलग है।
व्यापार और शिपिंग रूट्स पर असर
इस महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के बाद से लगातार वैश्विक समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा है। ओमान की खाड़ी और लाल सागर में नए हमलों की रिपोर्ट्स सामने आने के बाद शिपिंग कंपनियों ने अब वैकल्पिक रास्तों की तलाश शुरू कर दी है, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ रहा है और खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों तथा व्यापारियों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।