हॉर्मूज जलडमरूमध्य पर ईरान सख्त, अमेरिका के व्यवहार बदलने तक रास्ता खोलने से साफ इनकार

ईरान ने हॉर्मूज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अपनी कड़ी शर्तें दोहराई हैं और साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं बदलता और तेहरान की मांगें नहीं मानता, तब तक यह जलमार्ग बंद ही रहेगा। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने मंगलवार, 12 अगस्त 2026 को यह स्पष्ट बयान दिया कि इस रास्ते को चालू करने के लिए अमेरिका को गाजा और लेबनान में युद्ध समाप्त करना होगा, ईरान की जमी हुई संपत्ति को जारी करना होगा और अमेरिकी नाकाबंदी को पूरी तरह से खत्म करना होगा। इस कड़े रुख का समर्थन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने भी किया है। रजाई ने यह भी साफ किया कि ओमान के साथ ट्रांजिट रूट को लेकर जो भी अलग समझौता होगा, वह इस पूरी जलडमरूमध्य को खोलने की प्रक्रिया से बिल्कुल अलग माना जाएगा।
तनाव के बीच कूटनीतिक और सैन्य हलचल तेज
इस क्षेत्रीय तनाव के माहौल में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार, 11 अगस्त 2026 को यह मांग रखी कि ईरान को दशकों के संघर्षों और हमलों में मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना की अचूक नाकाबंदी के जरिए जलडमरूमध्य पर अमेरिका का कुल नियंत्रण बना हुआ है। इस बीच पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को तेहरान पहुंचे, जहां उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन, विदेश मंत्री अब्बास अरागची और आंतरिक मंत्री स्कंद मोमेनी के साथ उच्च स्तर की बातचीत की। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान किसी समझौते के करीब पहुंच रहे हैं, जबकि कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मजेद अल-अंसारी ने बताया कि ओमान और ईरान के बीच शिपिंग को लेकर बातचीत एक उन्नत चरण में पहुंच चुकी है।
समुद्र में जहाजों पर हमले और मौतों का सिलसिला
क्षेत्रीय तनाव के बीच लाल सागर और अरब सागर के पास जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने चिंता और बढ़ा दी है। मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के बाब अल-मदब जलडमरूमध्य में तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर 'तिहामाह' नामक कार्गो जहाज को निशाना बनाया। इस हमले में चार चालक दल के सदस्यों और दो बचाव कर्मियों समेत कुल 6 लोगों की मौत हो गई। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से शिपिंग पर हूती विद्रोहियों का यह पहला घातक हमला था। इसके अलावा, ओमान की खाड़ी में प्रवेश करते समय पाकिस्तान के पास पनामा के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज 'वेला नोवा' पर भी संदिग्ध अमेरिकी हमले में मिसाइल गिरने की खबर सामने आई है। अमेरिका ने भी एक ऐसे जहाज पर हमला करने की बात कही है जो ईरान की नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहा था। इन घटनाओं से मध्य पूर्व में काम करने वाले प्रवासियों और खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है।